गर्मी में 70% घटेे ब्लड डोनर, प्लांड सर्जरी बढ़ी और ब्लड की डिमांड भी

Jaipur News - सुनील शर्मा

Bhaskar News Network

Jun 14, 2019, 08:35 AM IST
Jaipur News - rajasthan news 70 reduction in heat blood donor plant surgery increased and blood demand too
सुनील शर्मा
गर्मी की छ़ुट्टियां में हॉस्पिटल्स में प्लांड सर्जरी के केसेज बढ़ जाते हैं। एेसे में ब्लड की डिमांड भी बढ़ जाती है लेकिन इस दाैरान सप्लाई कम हाे जाती है वजह ये ब्लड डाेनेशन के कैंप कम लगते हैं। सिटी रिपाेर्टर ने जब ब्लड बैंक का जायजा लिया पता चला कि मार्च से जून के बीच 70 फीसदी तक स्वैच्छिक डाेनर कम हाे जाते हैं। जबकि सर्जरी के केसेज बढ़ने से इन महीनाें में 15-20 प्रतिशत तक ज्यादा ब्लड की डिमांड रहती है।

लाेगाें से जब बात की ताे पता चला कि उनके बीच गर्मी को लेकर भ्रांति रहती है। वे मानते हैं कि गर्मी में ब्लड डोनेट किया तो डीहाइड्रेशन हो सकता है। दूसरी तरफ डॉक्टर्स इसे पूरी तरह गलत मानते हैं। उनके मुताबिक ब्लड डोनेट करने का मौसम से कोई वास्ता नहीं होता। हर मौसम में बेझिझक ब्लड डोनेट कर सकते हैं। वे कहते हैं कि अगर लाेग पूरे साल भर ब्लड डाेनेट करें ताे सर्जरी कराने वालाें परेशानी दूर हाेगी अाैर सभी ग्रुप के ब्लड पर्याप्त मात्रा में हमेशा उपलब्ध रहेगा।

कैंप नहीं, ब्लड बैंक जाकर करें ब्लड डोनेट

हॉस्पिटल में ब्लड की जरूरत

ब्लड बैंक आम दिनों इन दिनों

1. एसएमएस हॉस्पिटल 250-300 350-450

2. दुर्लभ जी हॉस्पिटल 80-120 150-200

3. महिला चिकित्सालय 20-30 30-40

4. एसके सोनी हॉस्पिटल 10-12 15-20

5. महात्मा गांधी 50-60 60-70

6. नारायण हृदयालय 18-20 25-30

इन्हें देनी पड़ती है पहले प्रमुखता





- प्रिजनर

एक दिन में एक लाख यू्निट ब्लड इक्ट्ठा कर गिनीज बुक में नाम दर्ज करवा चुके हितेश भांडिया, चीफ कन्वीनर, मेगा ब्लड डोनेशन ड्राइव ने बताया, गर्मी में डोनर्स ब्लड डोनेट करने से घबराते हैं। अवेयरनेस की जरूरत है। इतनी गर्मी में कैंप लगाना और लोगों को मैनेज करना पॉसिबल नहीं होता। लेकिन डोनर्स अपने नजदीकी ब्लड बैंक जाकर सुबह ब्लड डोनेट कर सकते हैं। डोनर्स को कैंप का इंतजार नहीं करना चाहिए।

जानना जरूरी : ब्लड को 42 दिन तक रख सकते हैं सेव

स्वास्थ्य ग्रुप के चेयरमैन डॉ. एसएस अग्रवाल ने बताया, ब्लड स्टोरेज कैबिनेट की मदद से 4-6 डिग्री टेम्प्रेचर पर 42 दिन तक ब्लड सेव करके रखा जा सकता है। इसके बाद यह वेस्ट हो जाता है। आमतौर पर कैंप में ब्लड बैंक की कैपेसिटी से ज्यादा ब्लड इकट्ठा हो जाता है। इससे कई बार बैंक के लिए मुश्किलें भी खड़ी हो जाती हैं। ऐसे में एक्सपायरी डेट के 15 दिन पहले दूसरे बैंकों को ब्लड देना पड़ता है। क्योंकि 15 दिन से पहले कोई भी बैंक ब्लड नहीं लेता। अगर बैंक में ब्लड एक्सपायर होता है तो बैंक का रिकॉर्ड खराब होता है।

फाइल फोटो

डाॅक्टर्स बाेले- डाेनेट लिए गर्मी का माैसम भी बेस्ट

एसएमएस हॉस्पिटल सीनियर प्रोफेसर न्यूरोसर्जन डॉ. वीरेंद्र देव सिन्हा के अनुसार, इस समय डीहाइड्रेशन के कारण डोनर्स ब्लड डोनेट करने से कतराते हैं। जबकि मौसम का डीहाइड्रेशन से कोई वास्ता नहीं होता। वैसे ब्लड डोनेट करने के लिए गर्मी का मौसम भी बेस्ट है। ब्लड डोनेट के तुरंत बाद बॉडी को लिक्विड चाहिए होता है और यह गर्मी के मौसम में हर कोई लेना पसंद करता हैं। इससे डोनर जल्द रिकवर कर पाता है। जबकि सर्दियों में लिक्विड लेने से लोग बचते हैं। अगर ब्लड डोनेट करने के बाद डोनर को एक कप कॉफी और पानी मिलता है तो जल्द रिकवर करता है।

बेहतर पक्ष : 1 साल में 8 लाख यूनिट से अधिक ब्लड डोनेट

चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की अप्रैल 2018 से मार्च 2019 तक की रिपोर्ट के अनुसार राजस्थान से 8,19,168 यूनिट ब्लड कलेक्ट हुआ है।

स्टेट नोडल ऑफिसर ब्लड सेल्स डॉ. अशोक जैन के मुताबिक, पिछले एक साल में प्रदेश में 6,107 ब्लड कैंप लगाए गए। इन कैंप्स में 4,06,849 यूनिट ब्लड डोनेट किया गया। इसके अलावा सीधे ब्लड बैंक में 6,22,548 लोगों ने ब्लड डोनेट किया है। इससे पता चलता है कि लोगों में जागरूकता बढ़ रही है।

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