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अधिवक्ता कल्याण निधि संशोधन विधेयक पारित, आजीवन सदस्यता शुल्क 1 लाख रु.

एक वर्ष पहले
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विधानसभा में शनिवार को अधिवक्ता कल्याण निधि संशोधन विधेयक पारित हो गया। हालांकि भाजपा ने बिल में प्रिंटिंग मिस्टेक का हवाला देते हुए सदन में बिल का संशोधित ड्राफ्ट लाए जाने की मांग की, लेकिन संसदीय कार्यमंत्री शांति धारीवाल ने इस मांग को खारिज कर दिया। विरोध स्वरूप भाजपा विधायक सदन से वाकआउट कर गए और उनकी गैर मौजूदगी में ही बिल पारित करवा लिया गया।

प्रस्तावित विधेयक के इस बिंदु पर थी आपत्ति

भाजपा विधायक अशोक लाहोटी ने बिल पर बहस करते हुए कहा कि प्रस्तावित विधेयक में वकील की आकस्मिक मृत्यु पर मिलने वाली सहायता राशि प्रस्तावना और खंड में अलग-अलग दी हुई है। इसके बाद नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया ने भी लाहोटी का समर्थन करते हुए कहा कि विधेयक की प्रस्तावना में राशि 2.5 लाख से बढ़ाकर 7 लाख रु. करने की बात कही जा रही है, जबकि इसके खंड में इसे 8 लाख करने का उल्लेख किया है।


वेलफेयर फंड की राशि में हुई बढ़ोतरी

स्टाइपेंड-प्रोटेक्शन बिल पर चल रहा विचार : धारीवाल

भाजपा विधायकों ने चर्चा के दौरान अधिवक्ताओं के लिए स्टाइपेंड और उनकी सुरक्षा के लिए प्रोटेक्शन एक्ट लाए जाने की मांग की। इसके जवाब में धारीवाल ने कहा कि इन दोनों ही मुद्दों पर सरकार में विचार चल रहा है।

धारीवाल बोले- इसका संशोधन पहले ही ला चुके हैं

बिल पर चर्चा का जवाब देते हुए धारीवाल बोले कि राशि में इस अंतर के लिए सदन में पहले ही संशोधन पत्र लाया जा चुका है। इस पर भाजपा विधायक बोले कि उन्हें संशोधन पत्र नहीं मिला है, तो धारीवाल ने कहा कि यह उनकी गलती नहीं, इसका जवाब विधानसभा सचिवालय दे सकते हैं।

सदस्यता शुल्क 17 हजार से बढ़ाकर 1 लाख किया

बिल में अधिवक्ताओं के लिए आजीवन सदस्यता शुल्क को 17500 रुपए से बढ़ाकर सीधे एक लाख रुपए कर दिया गया है। गंभीर बीमारी में इलाज के लिए मिलने वाली आर्थिक सहायता को 1 लाख रुपए से बढ़ाकर तीन लाख रुपए किया गया है। उधर, बार काउंसिल के मैंबर भुवनेश शर्मा ने सदस्यता राशि बढ़ाए जाने का विराेध करते हुए कहा कि फंड में सरकारी अनुदान देने के बजाय सरकार ने राशि बढ़ाकर वकीलाें के हिताें पर कुठाराघात किया है।

विधेयक में वेलफेयर फंड में होने वाले वित्तीय भार को देखते हुए वेलफेयर टिकट राशि की कीमत 25 रुपए से बढ़ाकर जिला न्यायालयों में सौ रुपए और राजस्थान हाईकोर्ट में 200 रुपए की गई है। हर साल इसमें दस और बीस रुपए की भी बढ़ोतरी होगी। इसी तरह वेलफेयर फंड में प्रवेश राशि को भी 400 रुपए से बढ़ाकर 800 रुपए किया गया है।
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