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- Jaipur News Rajasthan News After Releasing Funds From 295 Projects In 120 Cities The Budget Session Was Stopped Saying That There Is No Need Anymore
120 शहरों के 295 प्रोजेक्ट्स धन जारी करने के बाद बीच बजट सत्र यह कहकर रोक दिए कि अब जरूरत ही नहीं
सदन में एक प्रोजेक्ट रुकने पर विधायक मंत्री को घेर कर हंगामा मचा देते हैं। लेकिन नगर निगमों, नगर परिषद और नगर पालिका क्षेत्रों के एक साथ 295 सुविधा कार्यों के प्रोजेक्ट्स कैंसिल कर दिए हैं। शहरी जनप्रतिनिधियों के अफसरों के कई माह चक्कर काटने पर करीब 70 करोड़ रुपए के कार्यादेश जारी हुए थे। अब एक साथ 120 शहरी निकायों के वित्तीय स्वीकृति वाले प्रोजेक्ट्स अचानक निरस्त कर दिए गए हैं। इन 120 सिटी के 295 प्रोजेक्ट्स कैंसिल करना विकास का पहिया रोकने का कदम साबित हो सकता है। एक तरफ विधानसभा का बजट सत्र चल रह है, हर विधायक अपने क्षेत्र के लिए सालभर के लिए नए प्रोजेक्ट मांग रहा है, वहीं स्वायत्त शासन विभाग ने प्रशासनिक, वित्तीय स्वीकृति वाले प्रोजेक्ट्स ही कैंसिल कर दिए? विभाग के अफसरों के अनुसार कई कार्य अब करवाने की जरूरत महसूस नहीं की जा रही। कुछ में जमीन के विवाद उत्पन्न हो गए तो कुछ में कोर्ट की दखल आने से रोके गए हैं।
सातों संभागों के ऐसे रोके काम
संभाग प्रोजेक्ट कुल
नाम संख्या राशि
अजमेर 58 8.96 करोड़
भरतपुर 18 4.02 करोड़
उदयपुर 19 3.07 करोड़
जयपुर 53 4.78 करोड़़
कोटा 21 5.15 करोड़
जोधपुर 34 6.47 करोड़
बीकानेर 27 5.16 करोड़
अंबेडकर भवन व आधुनिक शौचालय के 51 काम रोके
जयपुर को सबसे बड़ा झटका
एक साथ 24.80 करोड़ के चार शव दाहगृह कैंसिल
जयपुर नगर निगम की तरफ से सिटी में चार शवदाह गृह तैयार किए जाने थे। आधुनिक शवदाह गृहों के लिए 24.80 करोड़ रुपए सेंक्शन किए गए थे। लेकिन धन जारी करने के कई माह बाद अचानक अब शव दाह गृहों को कैंसिल करने के आदेश दे दिए।
बजट जारी कर कैंसिल कर दिए 70 करोड़ रु. के कई काम
पार्क विकास और कब्रिस्तान-श्मशान के 14 काम भी रोके
31.5 करोड़ रुपए पार्क विकास, कब्रिस्तान, श्मशान आदि के लिए 14 प्रोजेक्ट के पेटे जारी किए गए थे। वित्तीय स्वीकृति के बाद अब इन 14 पार्क विकास आदि के काम कैंसिल कर दिए गए।
प्रदेश के अंदर कांग्रेस के जन घोषणा पत्र की पालना में अंबेडेकर भवनों में निर्माण कार्य, आधुनिक शौचालय, श्मशान, कब्रिस्तान, सड़क आदि के 51 काम सेंक्शन किए गए थे। अब किसी के आगे भूमि विवाद, तो कहीं आवश्यकता ही नहीं का कमेंट लिखकर केंसिल कर दिए गए हैं।