छह साल बाद गुरुवारी निर्जला एकादशी पर श्रीहरि का पूजन

Jaipur News - ज्येष्ठ शुक्ल एकादशी गुरुवार को निर्जला एकादशी के रूप में मनाई गई। शहर में दिनभर दान-पुण्य का दौर चला। जगह-जगह...

Bhaskar News Network

Jun 14, 2019, 08:25 AM IST
Jaipur News - rajasthan news after six years on thursday the worship of sri hari on nirajla ekadashi
ज्येष्ठ शुक्ल एकादशी गुरुवार को निर्जला एकादशी के रूप में मनाई गई। शहर में दिनभर दान-पुण्य का दौर चला। जगह-जगह स्टॉल लगाकर लोगों को ठंडा पानी, शर्बत, आम सहित विभिन्न फलों का रस पिलाया गया। कई स्थानों पर आइसक्रीम, तरबूज-खरबूज खिलाए गए। चारदीवारी के अलावा झोटवाड़ा रोड, सीकर रोड, न्यू सांगानेर रोड, मुरलीपुरा, टोंक रोड, अजमेर रोड सहित सभी मुख्य मार्गों में 5 से 8 जगहों पर विभिन्न संगठनों ने स्टॉलें लगाकर राहगीरों और वाहन चालकों को शर्बत, मिल्करोज व ज्यूस पिलाया। महिलाओं ने व्रत की कथा का श्रवण कर शाम को भोजन ग्रहण किया। मंदिरों में विशेष झांकियों के दर्शन हुए।

भगवान विष्णु को प्रिय है गुरुवार

छह साल बाद निर्जला एकादशी गुरुवार के दिन मनाई गई। गुरुवार भगवान विष्णु को सबसे ज्यादा प्रिय दिन है, इसलिए इस दिन को ही भगवान विष्णु की पूजा के लिए सबसे ज्यादा शुभ माना गया है। अब से पहले निर्जला एकादशी और गुरुवार का शुभ संयोग वर्ष 2013 में बना था। श्रद्धालुओं ने एकादशी का व्रत रखा। ज्योतिषाचार्य धर्मेंद्र खंडेलवाल गोविंदपुरा वालों ने बताया कि महाभारत काल में महर्षि वेदव्यास ने भीम को निर्जला एकादशी व्रत का महत्व बताया था। इस एकादशी को भीम सैनी एकादशी भी कहा जाता है। निर्जला एकादशी का व्रत करने से शुभ फल की प्राप्ति होती है।

जयपुर | उत्तर भारत की प्रमुख वैष्णव पीठ श्रीगलता जी में पीठाधीश्वर स्वामी अवधेशाचार्य महाराज के सानिध्य में निर्जला एकादशी मनाई गई। युवराज स्वामी राघवेन्द्र ने बताया कि इस अवसर पर सुबह 5 बजे से ही श्रद्धालुओं का आगमन शुरू हो गया। श्रद्धालुओं ने गलता जी स्थित सूर्य कुंड पर स्नान किया। श्री सीताराम जी मंदिर के सामने हजारों श्रद्धालुओं को अमरस वितरित किया गया।

गोविंद-गोपीनाथ की झांकियों के दर्शन करने पहुंचे श्रद्धालु

गोविंद देवजी मंदिर में सभी सातों झांकियों के दौरान श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रही। मंगला, धूप, श्रृंगार और राजभोग झांकी में दर्शनार्थी उमड़ पड़े। ठाकुरजी को विशेष पोशाक धारण कराई गई। शाम को जल यात्रा झांकी सजाई गई। ठाकुरजी ने जल के फव्वारों के बीच भक्तों को दर्शन दिए।

पानों का दरीबा स्थित सरस निकुंज में शुक संप्रदाय पीठाधीश्वर अलबेली माधुरी शरण महाराज के सान्निध्य में ठाकुर राधा सरस बिहारी सरकार के लाड़ लड़ाए गए। बड़ी चौपड़ स्थित लक्ष्मीनारायण बाईजी मंदिर में महंत पुरुषोत्तम भारती के सान्निध्य में ठाकुरजी पीली पोशाक धारण कराकर पीले व्यंजनों का भोग लगाया गया। इससे पूर्व पंचामृत से अभिषेक किया गया।

X
Jaipur News - rajasthan news after six years on thursday the worship of sri hari on nirajla ekadashi
COMMENT