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एएमडी बीमारी में 65 की उम्र के बाद बार-बार गिरता है पेशेंट

एक वर्ष पहले
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हैल्थ रिपोर्टर >जयपुर

आयु-संबंधी मैक्युलर डीजनरेशन (एएमडी) से ग्रसित पेशेंट्स में से एक-तिहाई को चोट लगती है। यह चोट गिरने या बिने गिरे हुए भी लग सकती है। एएमडी सेंट्रल विजुअल लॉस का एक बड़ा कारण है। इस बीमारी से 65 वर्ष से अधिक आयु के लगभग 10 परसेंट और 75 वर्ष से अधिक आयु के 25 परसेंट से ज्यादा लोग प्रभावित होते हैं। सेंट्रल विजुअल लॉस होने के कारण व्यक्ति को चीजें देखने में परेशानी होती है। यह विजन लॉस बुजुर्गों के बार-बार गिरने की वजह बन सकती है। कभी-कभी उन्हें शरीर पर गंभीर चोटें लगती हैं। एएमडी के रोगियों का दृष्टिबाधित होना गिरने की घटनाओं से जुड़ा है। चोट से डेथ रेट बढ़ सकती है।

क्या है यह बीमारी: यह एक बढ़ती हुई बीमारी है। इसमें रेटिना के मध्यभाग मैक्युला के नीचे असामान्य ब्लड वैसल्स विकसित होती हैं। ये वैसल्स रेटिना में रक्त और तरल का रिसाव करती हैं, जिससे सेंट्रल विजन खराब होता है। इसमें व्यक्ति को धुंधला या विकृत देना, सेंट्रल विजन में गहरे धब्बे या सीधी लहरदार रेखाएं शामिल हैं। रेटिना की बीमारियां अक्सर जांच में नहीं आ पाती हैं, इनमें लक्षण दर्द रहित होते हैं। रोशनी में बड़ी खराबी या आंख बंद करने पर ध्यान जाता है।

पेशेंट गिरे नहीं, इसके लिए क्या करें: पेशेंट को एक्सरसाइज करवाएं। ताकि उसकी मसल्स मजबूत बने और शारीरिक संतुलन में सुधार आए। घर में पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था रखें। एेसे फुटवियर नहीं पहनें, जिनसे फिसलने का रिस्क हो।

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