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बीहू और तेरह ताली से कलाकारों ने जमाया रंग

एक वर्ष पहले
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वुमंस फेस्टिवल-समर्थ

देसी और विदेश के 36 कलाकारों का सम्मान

इस माैके पर कला एवं संस्कृति मंत्री डाॅ. बी.डी. कल्ला ने इंटरनेशनल वुमंस आर्ट कैंप में शामिल हुईं 36 कलाकारों को स्मृति चिह्न के साथ प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया। इस मौके पर केंद्र की डीजी किरण साेनी गुप्ता अाैर एडीजी (तकनीकी) फुरकान खान भी मौजूद रहे।

डॉ. बी.डी. कल्ला ने संबोधन में कहा कि जीवन के सभी क्षेत्र में महिलाओं को सशक्त बनाना महत्त्वपूर्ण है, ताकि वे शारीरिक और आर्थिक रूप से मजबूत हो सकें। यह महिला महोत्सव अंतरराष्ट्रीय सौहार्द्र को बढ़ावा देने और भारतीय संस्कृति और परंपराओं को दुनियाभर में प्रदर्शित करने की भी एक पहल है।

जेकेके में चल रहे ‘वुमंस फेस्टिवल-समर्थ’ के शिल्पग्राम में गुरुवार को विभिन्न लोक प्रस्तुतियों का आयोजन हुआ। लोक कलाकारों ने बीहू, तेरह ताली, चरी, भपंग अाैर सिद्धी धमाल नृत्य जैसी जीवंत और रंगारंग लोक प्रस्तुतियां देकर लोगों को झूमने पर मजबूर कर दिया।

सबसे पहले असम का ‘बीहू’ प्रस्तुत किया गया। राजस्थान के लोकनृत्य ‘तेरह ताली’ को गणेश दास एंड पार्टी ने प्रस्तुत किया। इसके बाद किशनगढ़ के प्रसिद्ध चरी नृत्य की प्रस्तुति हुई। महमूद एंड पार्टी ने भपंग पर मनोरंजक प्रस्तुति दी। वहीं प्रकृति के करीब आदिवासी नृत्य ‘सिद्धि धमाल’ ने दर्शकों का दिल जीत लिया। पक्षी की चाल, मोर की आवाज और नारियल को सिर से तोड़कर कलाकारों ने खूब रंग जमाया। महाराष्ट्र के लोक प्रसिद्ध लावणी नृत्य की रेशमा एंड पार्टी ने शानदार प्रस्तुति दी।

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