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राजस्थान आवासन मंडल के संशोधन का पेज नहीं देखकर फंसी भाजपा
विधानसभा में गुरुवार को नगरीय विकास मंत्री शांति धारीवाल पर राजस्थान आवासन बोर्ड संशोधन विधेयक के संशोधनों को सर्कुलेट नहीं करने का आरोप लगाने के मामले पर भाजपा फंस गई। बाद में भाजपा ने अपनी गलती भी मान ली। दरअसल धारीवाल ने जैसे ही संशोधन पेश किए उपनेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ ने व्यवस्था का सवाल उठाते हुए कहा कि मंत्रीजी अब जो संशोधन लेकर आए हैं उनको ना तो सर्कुलेट किया। अब अचानक खड़े होकर संशोधन बता रहे हैं। इससे तो हमारा अधिकार क्या रह जाएगा। यह कौन सी नई परंपरा कायम हो रही है। संशोधनों को पहले टेबल पर लाना चाहिए था। राठौड़ की बात कम से कम यह संशोधन टेबल पर तो आए।
इस पर नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया ने कहा कि सरकार चाहे तो लास्ट मूवमेंट पर भी संशोधन ला सकती है। यह सरकार का अधिकार है। लेकिन जो भी संशोधन लाए वह कम से कम हाउस की प्रत्येक मेंबर की सीट पर डिस्ट्रीब्यूट होने के बाद ही लाने का अधिकार है। राठौड़ ने फिर सवाल उठाया कि यह सदन नियमों के अनुसार चलेगा। यह नई परंपरा है। यह कौन से नियमों में लिखा है। माहेश्वरी ने कहा कि माननीय सभापति महोदय यह सदन का अपमान है।
इस बात को लेकर भाजपा के विधायक हंगामा करने लगे। हंगामे के बीच सभापति ने कहा कि यह सर्कुलेट हो गया है। आपको जो सूची दी है उसमें है। इसके बाद सभापति कहते रहे कि सर्कुलेट हो गया। कटारिया और राठौड़ यह बात मानने को तैयार नहीं हुए और हंगामा होता रहा। दोनों ने कहा कि हमारे सारे कागज देख सकते हो। यह सर्कुलेट नहीं हुआ। कटारिया ने कहा कि यह जरुरी नहीं है कि यह सुबह ही आए। अब भी सर्कुलेट कर सकते हैं।
मंत्रीजी हाउसिंग बोर्ड का बिल लाकर सीएम की खिलाफत का ठीकरा क्यों ले रहे: राठौड़
जयपुर। राजस्थान विधानसभा में गुरुवार को राजस्थान आवासन बोर्ड (संशोधन) विधेयक-2020 पारित करते उपनेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ ने तो ऐसा वार किया कि सदन के अंदर बैठे संसदीय कार्यमंत्री शांति धारीवाल तक गुस्सा गए। राठौड़ ने कहा कि जिस बिल का सीएम विरोध कर चुके, आप वरिष्ठ मंत्री होकर अकेले भूंड का ठीकरा और सीएम की खिलाफत अपने सिर पर क्यों ले रहे हो? मंत्री ने कहा- आप राजनीति पर मत बोलिए.. बिल पर बोले।
राठाैड़ ने सवाल किया कि हाउसिंग की सारी काॅलोनियां नगरपालिका अधिनियम 2009 के तहत अधिनियमित हैं तो फिर इस बिल को लाने का मकसद क्या? किसकाे शक्तिशाली बनाने बिल ला रहे? मंत्रीजी आपने बिल पढ़ा नहीं.. अफसरों ने दिया और सदन में ले आए। सांगानेर विधायक अशोक लाहोटी ने बिल पर कई वैधानिक सवाल दागे।
उन्होंने कहा कि हाउसिंग बोर्ड एक सरकारी बिल्डर मात्र है। यह कोई संवैधानिक संस्था नहीं है। एक सरकारी बिल्डर को मकान सीज करने, किसी को भी जेल में डलवाने के पावर देकर आप गलती कर रहे हैं। इसका सीएम खुद विरोध कर चुके। इस बोर्ड को इतने पावर देकर क्या कोई थाना खोलने जा रहे हैं क्या? सुनवाई का अधिकार भी सरकार ने अपने पास ले लिया है। सत्ता मद में यह बिल ला रहे हैं, इसमें पिक एंड चूजा के तहत कार्रवाई होगी।
कटारिया जी, संशोधन की सूची तो पढ़ी ही नहीं : धारीवाल
हंगामा होने पर धारीवाल खड़े हुए और बोले कि यह जो 17 सदस्यों की सूची है। यह तो आपने देख लिए, लेकिन इसके पीछे संशोधनों की सूची है वह आपने पढ़ी नहीं है। इसलिए मेहरबानी करके एसेंबली की तरफ से जो कागज भेजे जाते हैं उनको पूरा पढ़िए। इसके बाद कटारिया ने गलती मानी और बोले कि हम लोगों ने केवल लिस्ट देखी है। इसके पीछे नहीं देखा।