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प्रदेश में 15 फीसदी तक बढ़ सकते हैं घरेलू और कॉमर्शियल बिजली के दाम

2 वर्ष पहले
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उद्योगों के लिए रात व दिन का टैरिफ अलग-अलग

जयपुर | प्रदेश में घरेलू व कॉमर्शियल उपभोक्ताओं के लिए अब बिजली 15% तक महंगी हो सकती है। जयपुर, जोधपुर व अजमेर डिस्कॉम ने बिजली दाम बढ़ाने के लिए राजस्थान विद्युत विनियामक आयोग (आरईआरसी) में टैरिफ पीटिशन दायर की है। इसमें घरेलू व कॉमर्शियल उपयोग की बिजली के दाम 15% बढ़ाने व उद्योगों को पीक ओवर में महंगी व रात को सस्ती बिजली देने का प्रस्ताव है। ऐसे में उद्योगों में रात व दिन में सप्लाई होने वाली बिजली की रेट अलग-अलग होंगे। हालांकि ये रेट टैरिफ स्मार्ट मीटर लगने के बाद ही लागू हो सकेंगे। डिस्काॅम ने कृषि उपभोक्ताओं का टैरिफ बढ़ाने का प्रस्ताव भी रखा हैै। शेष | पेज 14



ऊर्जा विभाग के प्रमुख सचिव व डिस्कॉम चेयरमैन नरेशपाल गंगवार का कहना है कि बिजली वितरण कंपनियों ने आयोग में बिजली की टैरिफ पीटिशन दायर कर दी है।

बिजली कंपनियों की टैरिफ पीटिशन पर आयोग अब आम उपभोक्ताओं से आपत्ति लेगा। इन आपत्तियों पर खुले मंच पर सार्वजनिक सुनवाई होगी। इस दौरान आम उपभोक्ता, उद्योगपति, उपभोक्ता संगठन व एनजीओ बिजली टैरिफ को लेकर अपना दावा रख सकेंगे। बिजली कंपनी के दावों पर जवाब के बाद ही आयोग नई टैरिफ लागू कर पाएगा। हालांकि बिजली रेट बढ़ाने की याचिका के खिलाफ हर बार 25 से भी कम लोग आपत्ति करते हैं। इस कारण हर बार टैरिफ बढ़ जाती है।

अभी यह है बिजली की रेट

घरेलू : (प्रति यूनिट)

50 यूनिट तक 3.85 रु.

50 से 150 यूनिट 6.10 रु.

151 से 300 यूनिट 6.40 रु.

301 से 500 यूनिट 6.70 रु.

500 यूनिट से ज्यादा 7.15 रु.

लघु उद्योग

500 यूनिट तक 6 रु.

500 यूनिट से ज्यादा 6.45 रु.

प्रदेश में कुल 1.53 करोड़ उपभोक्ता

घरेलू उपभोक्ता 1.20 करोड़

कॉमर्शियल 14 लाख

औद्योगिक कनेक्शन 3.54 लाख

कृषि कनेक्शन 14.41 लाख

कॉमर्शियल

100 यूनिट तक 7.55 रु.

101 से 200 यूनिट 8 रु.

201 से 500 यूनिट 8.33 रु.

500 यूनिट से ज्यादा 8.80 रु.

हंगामे की आशंका में 20 दिन से पैंडिंग थी पीटिशन

विधानसभा में विधायकों के हंगामा की आशंका के कारण बिजली कंपनियों ने 20 दिन से पीटिशन पैंडिंग रखी थी।

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