225 सेवाओं को जवाबदेही के दायरे में लाने वाले कानून का मसौदा तय

Jaipur News - अशोक गहलोत सरकार ने अफसरशाही की जवाबदेही तय करने के लिए जवाबदेही कानून का फाइनल मसौदा बुधवार को तैयार कर दिया गया।...

Jan 16, 2020, 08:25 AM IST
Jaipur News - rajasthan news draft of legislation to bring 225 services under accountability
अशोक गहलोत सरकार ने अफसरशाही की जवाबदेही तय करने के लिए जवाबदेही कानून का फाइनल मसौदा बुधवार को तैयार कर दिया गया। 28 से अधिक विभागों की 225 से ज्यादा सेवाओं को जवाबदेही के दायरे में लाने वाले जवाबदेही कानून के मसौदे पर एक सप्ताह में कैबिनेट की मुहर लग जाएगी। इससे पहले अगले तीन दिन में सीएम अशोक गहलोत के सामने फाइनल ड्राफ्ट का प्रजेंटेशन देना होगा। कैबिनेट से मंजूरी के बाद विधानसभा सत्र में यह कानून पारित किया जाएगा।

गौरतलब है कि गहलोत सरकार जवाबदेही कानून के माध्यम से सरकारी अधिकारियों एवं कर्मचारियों की मनमानी पर अंकुश लगाने और आम लोगों को राहत देने के उद्देश्य से यह कानून तैयार कर रही है।

सत्ता संभालते ही सीएम गहलोत ने सरकारी अधिकारियों एवं कर्मचारियों की जिम्मेदार तय करने की घोषणा की थी। इसका ड्राफ्ट भी तैयार कर अाम जनता से अापत्ति एवं सुझाव मांग लिए गए थे। इस बीच विवाद हाेने के कारण पूर्व अाईएएस रामलुभाया की अध्यक्षता में एक कमेटी का गठन किया गया, जिसे नए सिरे से ड्राफ्ट काे फाइनल करना था। जलदाय, सिंचाई, ऊर्जा, खाद्य नागरिक एवं आपूर्ति विभाग, कानून, पंचायती राज, यूडीएच- स्वायत्त शासन, पीडबलूडी, परिवहन, कृषि, कृषि विपणन, सभी निगम-पालिकाएं, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता, शिक्षा, चिकित्सा, देवस्थान, ग्रामीण विकास, वन, रोडवेज आदि विभागों और जिला कलेक्ट्रेट कार्यालय से जुड़ी सेवाओं को शामिल किया गया है।

ये है ड्राफ्ट फाइनलाइजेशन कमेटी: कमेटी में सेवानिवृत आईएएस अधिकारी रामलुभाया, सामाजिक कार्यकर्ता निखिल डे, प्रो.देवेंद्र कोठारी के साथ कुछ कलेक्टर, शामिल है। सामाजिक कार्यकर्ता अरूणा राय के सुझाव के अनुसार शामिल करना था।

क्या नया होगा देश में पहली बार बन रहे इस कानून में

सरकारी सेवाओं की गारंटी और अधिकारियों की जवाबदेही को इस कानून में शामिल किया गया है। जवाबदेही कानून के तहत प्रदेश में प्रत्येक पंचायत समिति एवं नगर पालिका स्तर पर सुनवाई होगी। इसके लिए पंचायत समिति एवं नगर पालिका स्तर पर सूचना और सहयोग केंद्र स्थापित होंगे। उपखंड अधिकारी की अगुवाई में एक कमेटी गठित होगी। यह कमेटी आम लोगों की पानी, बिजली, शौचालय, सड़क, राशन, जन्म प्रमाण-पत्र, मृत्यु प्रमाण-पत्र, जाति-प्रमाण-पत्र, विधवा पेंशन, वाहन चालक का लाइसेंस सहित आम लोगों से जुड़ी समस्याओं की सुनवाई करेगी। सुनवाई के बाद संबंधित विभागों के अधिकारियों की जिम्मेदारी होगी कि वे शिकायतों का निस्तारण करें। सुनवाई के बाद शिकायत का निस्तारण यदि एक माह में नहीं होता है तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। एक माह बाद शिकायत पर जिला सतर्कता समिति सुनवाई करेगी।

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