पहले सरेंडर, अब अवाॅर्ड में भी फर्जीवाड़ा

2 वर्ष पहले
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जगन गुर्जर काे घर की जगह जंगलों में सरेंडर करवाने की रिपोर्ट देकर पुलिस ने डिपार्टमेंट से 20 पुलिसकर्मी व पुलिस अफसरों काे गैलेंट्री का प्रस्ताव बना लिया है। एसपी अजय सिंह ने प्रस्ताव तैयार कर िलया है। इसे आईजी भरतपुर काे सिफारिश भेजा जा रहा है। अजयसिंह ने कहा- पुलिसवालों ने अच्छा काम किया है, इसलिए उनके प्रोत्साहन के लिए ये सिफारिश की गई है। उधर, जगन गुर्जर काे सरेंडर कराने में हर जगह साथ रहे गुर्जर समाज के लाेगाें ने पुलिस पर सवाल खड़े किए हैं कि सरेंडर की पल-पल की सूचना पुलिस ने हमसे ली लेकिन वाहवाही में हमारा जिक्र तक नहीं किया। उधर, जगन गुर्जर को दो दिन की रिमांड पर भेज दिया गया है।

भास्कर सबसे पहले

शुक्रवार को खबर प्रकाशित कर बता दिया था जगन सरेंडर करेगा।

जगन गुर्जर का सरेंडर घर की जगह जंगल में दिखाया ताकि 20 पुलिसकर्मी गैलेंट्री पा सकें
पुिलसकर्मी संतोष और भंवरसिंह

इनकी असलियत का सबूत है खुद भास्कर संवाददाता..

क्योंकि जब वो जगन के घर पहुंचा तो ये दोनों पुिलसकर्मी चाय की चुस्कियां ले रहे थे, जगन अंदर तैयार हो रहा था।

पुलिस की थ्योरी पर प्रत्यक्षदर्शियों के 5 बड़े सवाल...
यह सरेंडर थाना क्षेत्र बसई डांग में हुअा है जबकि पुलिस ने बताया कि बाड़ी सदर में सरेंडर कराया गया।

पुलिस ने 9 टीमें बताईं जबकि माैके पर एसपी सहित तीन गाड़ियां व 15 पुलिसकर्मियाें के समक्ष जगन ने एसपी के सामने सरेंडर किया है।

सरेंडर जगन के गांव भवूतीपुरा में हुअा जबकि पुलिस ने अपनी थ्योरी में मुगलपुरा के जंगलाें में दर्शाया है।

सबके सामने पुलिसकर्मी संताेष गुुर्जर कमरे से बंदूक लेकर अाया था, जगन ताे सिर्फ तैयार हाेकर एसपी संग गाड़ी बैठकर चल दिया।

सरेंडर से पहले दाे पुलिसकर्मी जगन के घर के बाहर चाय की चुस्कियां ले रहे थे, जबकि जगन घर के अंदर तैयार हाे रहा था।

ये लाेग जगन काे सरेंडर कराने के लिए राजी करते रहे लेकिन इनका जिक्र तक नहीं हुअा...

जगन के घर पर परमाल सिंह गुर्जर, सीअाे भरतपुर ग्रामीण, एडवाेकेट अतर सिंह, समाजसेवी रामनिवास गुर्जर, सब इंस्पेक्टर बिसम्बर सिंह सहित कई लाेग माैजूद रहे। लेकिन पुलिस ने इनमें से किसी भी व्यक्ति का जिक्र तक नहीं किया। इन लाेगाें ने दाे दिन तक बीहड़ों में रहकर रातें गुजारीं अाैर जगन काे सरेंडर के लिए मनाया। मगर पुलिस ने जो थ्योरी सुनाई, उसमें इनकी भूमिका को लेकर कुछ नहीं कहा गया है।

सरेंडर की असली कहानी... इनसे भी जान लीजिए
हम अपनी जान पर खेलकर जगन काे सरेंडर कराने के लिए धाैलपुर गए थे। हमारे समाज के साथियाें के साथ बीहड़ों में दिन- रात गुजारे। पुलिस काे पल-पल की सूचना दी अाैर जगन काे सरेंडर करने के लिए राजी करते रहे। हमारे सामने जगन ने घर से सरेंडर किया। - अतर सिंह, एडवोकेट (प्रत्यक्षदर्शी)

मेरी टीम ने जगन काे घर से शांतिपूर्वक सरेंडर कराया लेकिन पुलिस ने क्रेडिट लेने के लिए झूठी कहानी सुना दी। इस वर्किंग से लाेगाें का पुलिस से विश्वास उठ रहा है। अब गैलेंट्री हुअा ताे गलत हाेगा। मैं डीजीपी काे पत्र लिखकर मामले से अवगत करा रहा हूं। -भैंराेसिंह गुर्जर, पूर्व विधायक

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