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गवर्नमेंट जॉब के बजाय, स्टूडेंट्स करें स्टार्टअप पर फोकस : चुनाव आयुक्त

3 वर्ष पहले
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सिटी रिपोर्टर जयपुर

टेक्निकल युग में स्टूडेंट्स को गवर्नमेंट जॉब के भरोसे नहीं बैठना चाहिए, उन्हें अपने स्टार्टअप पर फोकस करना चाहिए। भले ही एंटरप्रिन्योर बनने में समय लगता है, लेकिन अगर कोई स्टूडेंट 10-15 लोगों को भी रोजगार दे सकता है तो वह देश की अर्थव्यवस्था के लिए प्रोडक्टिव सिटीजन हैं। इससे बढ़कर सेटिस्फेक्शन किसी इंसान को नहीं मिल सकता। यह बात मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा ने शुक्रवार को मणिपाल यूनिवर्सिटी में आयोजित ओरिएंटेशन प्रोग्राम के दौरान कही। इस प्रोग्राम में बीटेक के 1000 से अधिक फ्रेशर्स और उनके पैरेंट्स शामिल हुए।

भारतीयों को सीखना होगा विदेशियों की तरह डोनेट करना
अरोड़ा ने कहा, विदेशों के मुकाबले आमतौर पर भारतीय पैसे वाले होने के बावजूद भी दान करने में कम विश्वास रखते हैं। ऐसे लोगों को बिल गेट्स, वॉरेन बफेट जैसे लोगों से सीख लेने की जरूरत है जिनके फाउंडेशन पूरी दुनिया में पराेपकारिक कार्य करते हैं। हालांकि इंडिया में भी अजीम प्रेमजी और र| टाटा जैसे डोनर्स हैं। एजुकेशन पर बोलते हुए अरोड़ा ने कहा, \\\"राजस्थान की यूनिवर्सिटीज का इतिहास रहा है कि यहां से निकले कई सीनियर लोगों ने बड़े लेवल पर शोध कार्य किए हैं।\\\'

बेबुनियाद अाराेप : रिजल्ट फेवर में नहीं आए तो ईवीएम को दोष देना गलत
अरोड़ा ने कहा 2018 में देश के कुछ राज्यों में हुए विधानसभा चुनावों में रिजल्ट एक पार्टी के फेवर में आया था, लेकिन जब लोकसभा चुनाव में उस पार्टी को हार का सामना करना पड़ा तो उन्होंने ईवीएम पर आरोप लगा दिया। जो बेबुनियाद आरोप है, क्योंकि ईवीएम मशीन बेस्ट इंजीनियर और कुशल टेक्निकल कमिटी की देखरेख में तैयार होती हैं। भारत के पिछले चुनाव में करीब 600 मिलियन से अधिक मतदाता थे और पूर्व के चुनावों की तुलना में महिला मतदाताओं की संख्या भी काफी अधिक थी। अब काफी युवा मतदान करने लगे हैं। उन्होंने कहा कि मतदान उस बुनियाद के समान है, जिस पर लोकतंत्र का निर्माण होता है। चुनाव सुधार की प्रकिया खत्म नहीं हुई है, ये निरंतर चलती रहेगी।

ईगल की सीख : कॅरियर के लिए लंबी उड़ान भरना जरूरी, तभी आएगा बदलाव
प्रोफेसर जी.के. प्रभु ने कहा कि जिस प्रकार एक ईगल कुछ समय बाद अपने बच्चों को घोंसले से एक किक मारकर नीचे गिरा देती है, जिससे वे उड़ान भर सकें। ठीक उसी तरह पैरेंट्स को भी अपने बच्चों को स्कूलिंग लाइफ के बाद उनके कॅरियर के लिए अपने से दूर भेजने के लिए तैयार रहना चाहिए। क्योंकि ये उनके सक्सेसफुल करियर के लिए बेहद जरूरी है। प्रभु ने मणिपाल की उपलब्धियां गिनाते हुए कहा कि एमयूजे 54 अंडरग्रेजुएट व पोस्ट ग्रेजुएट कोर्सेज के साथ एक मल्टी-डिसीप्लीनरी यूनिवर्सिटी है। एमयूजे के प्रो-प्रेसिडेंट प्रो. एनएन शर्मा ने बताया कि स्टूडेंट्स के लिए एक सप्ताह का इंडक्शन ट्रेनिंग प्रोग्राम आयोजित किया जाएगा, जिसमें प्रशिक्षित विशेषज्ञों द्वारा नवीनतम तकनीक की जानकारी दी जाएगी। नॉन-इंजीनियरिंग प्रोग्राम्स के लिए 26 जुलाई एक अलग ओरिएंटेशन प्रोग्राम आयोजित किया जाएगा।

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