- Hindi News
- National
- Jaipur News Rajasthan News It Is Expected That Jaipur39s Cricket Will Be Back On Track After The Elections
उम्मीद है चुनाव के बाद पटरी पर लौटेगी जयपुर की क्रिकेट
आज से ठीक एक सप्ताह बाद यानी 22 मार्च को जयपुर जिला क्रिकेट संघ के चुनाव होने हैं। चुनाव प्रक्रिया शुरू हो गई है। शुक्रवार और शनिवार दो दिन वोटर लिस्ट पर ऑब्जेक्शन लिए गए। 40 से ज्यादा ऑब्जेक्शन आए। अब रविवार को इन ऑब्जेक्शन पर सुनवाई होगी।
जयपुर की क्रिकेट से जुड़ा हर शख्स यही चाहता है कि इस बार चुनाव में किसी तरह की गुटबाजी न हो। सभी मिल बैठकर फैसला कर लें और पिछले तीन साल से जयपुर की क्रिकेट जो ठप पड़ी है वह पटरी पर आ जाए। जयपुर की असली क्रिकेट है ए, बी, सी डिवीजन लीग और हॉटवेदर क्रिकेट। पिछले तीन साल से इस पर एक तरह से पूर्ण विराम लगा हुआ है। सैकड़ों प्राइवेट टूर्नामेंट होते हैं। हर कोई अपनी मनमर्जी से टूर्नामेंट कराता है। ये प्राइवेट टूर्नामेंट भी जेडीसीए की अनुमति के बिना आयोजित नहीं किए जाने चाहिए। जयपुर का क्रिकेटप्रेमी यही आशा करता है कि इस बार चुनाव में किसी तरह की गुटबाजी नहीं होगी और जो भी जीत कर आएगा वह जयपुर की क्रिकेट को आगे बढ़ाने का काम करेगा।
राजस्थान की क्रिकेट का सबसे बड़ा सेंटर जयपुर
राजस्थान में जयपुर क्रिकेट का सबसे बड़ा सेंटर है। यह बात इससे भी साबित हो जाती है कि यहां 135 क्लब रजिस्टर हैं। राजस्थान के अन्य किसी भी जिले में इतनी संख्या में क्लब रजिस्टर नहीं हैं। शायद ही किसी जिले में 20 से ज्यादा क्लब रजिस्टर हों। यह अलग बात है कि यहां एक-एक परिवार के पास कई-कई क्लब हैं। 135 क्लबों में करीब 100 क्लब तो एक तरह निष्क्रिय ही हैं। ऐसे क्लब और उनके पदाधिकारी तभी सक्रिय होते हैं जब जयपुर जिला क्रिकेट संघ के चुनाव होने होते हैं।
जयपुर में काफी संख्या में ऐसे क्लब भी हैं जो कि पूरे साल क्रिकेट कराते हैं। उनके पास अपने-अपने मैदान है। लेकिन ऐसे क्लबों को जेडीसीए से मान्यता नहीं है। जबकि जो क्लब पूरे साल क्रिकेट नहीं कराते और जिनके पास मैदान नहीं है, क्रिकेट कराने की कोई सुविधा नहीं है उन्हें जेडीसीए ने मान्यता दे रखी है। चुनाव अधिकारी डॉ. लोकनाथ सोनी को आपत्तियों पर सुनवाई करते वक्त इस बात पर भी गौर करना चाहिए।
लिस्ट में कई बड़े-बड़े नाम
जयपुर की वोटर लिस्ट में राजस्थान की राजनीति से जुड़े बड़े-बड़े नाम शामिल हैं। इस लिस्ट में खेलमंत्री अशोक चांदना, विधानसभा में मुख्य सचेतक महेश जोशी, कृषि मंत्री लालचंद कटारिया जैसे बड़े नाम शामिल हैं।
एक-एक व्यक्ति, कई-कई क्लब
वोटर लिस्ट पर नजर डाली तो पता चला कि एक-एक व्यक्ति कई-कई क्लबों में पदाधिकारी हैं। यानी एक-एक व्यक्ति के पास कई-कई क्लब हैं। किसी क्लब में वह अध्यक्ष है, किसी में सचिव तो किसी में कोषाध्यक्ष। ऐसे भी कई व्यक्ति हैं जो कि दो-दो क्लबों में सचिव हैं। ऐसे में फेयर चुनाव की उम्मीद कैसे की जा सकती है। इस ओर भी चुनाव अधिकारी को ध्यान देने की जरूरत है। एक व्यक्ति दो-दो क्लबों में कैसे हो सकता है। एक व्यक्ति को एक ही क्लब में वोट देने का राइट होना चाहिए।
_photocaption_बहुत से क्लबों को मान्यता ही नहीं*photocaption*