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फनी लॉज़ प्रहलाद सिंह शक्तावत

एक वर्ष पहले
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}महिलाएं शादी के बाद मंगलसूत्र इसलिए पहनती हैं ताकि पता चल सके कि वे शादीशुदा हैं। पुरुषों को इसकी जरूरत नहीं पड़ती। शक्ल से ही पता चल जाता है।

}कुछ लोग इतनी चाय पीते हैं कि अगर उनका ब्लड ग्रुप चेक करवाया जाए तो \\\"टी पॉजिटिव\\\' निकलेगा!

}कुछ लोग एक कान से सुनकर दूसरे कान से निकाल देते हैं। वहीं कुछ ऐसे भी होते हैं जो दोनों कानों से सुनकर मुंह से निकालते हैं!

}होली पर रंग खेलने के बाद ही पता चलता है कि फेसवॉश कितना भी लगा लो, रंग तो कपड़े धोने वाली साबुन से ही निकलेगा!

}पति के पैसों से ही पति को बेवकूफ बनाने की कला को मेकअप कहते है!

}शादी करना इसलिए भी जरूरी है, ताकि पता चल सके कि शादी क्यों नहीं करनी चाहिए।

}भारतीय बैंकों की इन्हीं हरकतों की वजह से हमारे नेता अपना पैसा स्विस बैंक में जमा रखते हैं!

}अगर प्यार के चक्कर में पड़ जाओ तो गर्लफ्रेंड के कुत्ते के बीमार होने पर भी रोना पड़ता है!

}अगर प|ी कह रही है कि अब ठंड कम को गई है तो इसका एक मतलब यह भी हो सकता है कि बर्तन धोने के लिए गरम पानी क्यों ले रहे हो?

{मोबाइल गेम खेलने वाले 100 देशों में भारत 64वें स्थान पर आया है।

- अगर लोकतंत्र को गेम बनाकर खेलने वाले देशों की सूची जारी की जाए तो भारत पहले स्थान पर आएगा।

{◆ कोरोना वायरस को भारत से भगाने के लिए महिलाओं ने भजन गाए और मंत्री अठावले ने कोरोना गो बैक के नारे लगाए।

- अब बस कोरोना वायरस अपना टिक टॉक वीडियो बनने की ही प्रतीक्षा कर रहा है।

{शेयर बाजार में सेंसेक्स लगातार गिरता जा रहा है। निवेशकों के करोड़ों रुपए घटे।

- लगता है नेताओं की चुनौती को सेंसेक्स ने स्वीकार कर लिया। अब दोनों में गिरने की प्रतिस्पर्धा चल रही है।

{एमपी भाजपा ने गुरुग्राम के रिजॉर्ट में और कांग्रेस ने जयपुर के रिजॉर्ट में अपने-अपने विधायकों को रखा है।

- तो अब समय आ गया है कि सभी राज्यों के पर्यटन विभाग \\\"एमएलए टूरिज्म\\\' को प्रमोट करने के लिए अपने यहां अलग से रिजॉर्ट बनाएं।

ह्यूमर ट्यूमर सौरभ

पोएटिक फन
प्रो.शरद नारायण खरे


भोले-भाले

वे अत्यंत

भोले-भाले हैं

बाहर से भोले

अंदर से भाले हैं।

भाग लेना

वे जनसेवा के

कामों में भाग लेते हैं

मौक़ा पड़ने पर

भाग लेते हैं।

ग़रीबी हटाओ

वे ग़रीबी हटाओ

में यक़ीन रखते हैं

सबसे पहले ग़रीबी हटने

का फल ख़ुद चखते हैं।

आम आदमी

आम आदमी

आम आदमी इसलिए

कहलाता है, क्योंकि

उसे आम समझ

कोई भी चूस जाता है।
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