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हीलिंग बाउल से मिलेंगे फाइटोन्यूट्रिएंट्स, एंटी माइक्रोबियल के लिए रेनबो डाइट

एक वर्ष पहले
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डाइट काेराेना प्रूफ

आप अपनी डाइट में जितना एंटी माइक्रोबियल, फाइटोन्यूट्रिएंट्स, इम्युन बूस्टर्स और प्रोबायोटिक जोड़ेंगे, उतना ही आपकी बॉडी का इम्यून सिस्टम बेहतर होगा। इसके लिए महत्वपूर्ण है कि आप हरी, पीली और ऑरेंज सब्जियों का सेवन ज्यादा करें। साथ ही डाइट की गिनती भी बढ़ाएं, इससे बॉडी को ज्यादा न्यूट्रिएंट्स मिल पाएंगे।

एक्सपर्ट्स की मानें तो बॉडी के इम्यून सिस्टम में इस बीमारी से लड़ने की ताकत है। जो आपकी डाइट से बदल सकता है। ऐसे में सिटी भास्कर ने बात की शहर के डायटीशियन से। जो बताएंगे इस जोखिम भरे समय में बॉडी को स्ट्रॉन्ग बनाने के लिए क्या किया जा सकता है।

मील की गिनती में करें बढ़ोतरी

डायटीशियन अंजलि फाटक ने बताया, इस समय एंटी माइक्रोबियल, इम्युन बूस्टर्स और प्रोबायोटिक का खासतोर पर ध्यान रखा जाना चहिए। जो आपको रेनबो डाइट से मिल सकता है। इस डाइट के लिए हरी, पीली और ऑरेंज सब्जियों को डाइट में सबसे ज्यादा रखें। इस मील को छोटे पोर्शन में खाते रहें। मील इस तरह बने
की यह हैवी न हो। साथ ही एंटी माइक्रोबियल के लिए नीम, अदरक, अजवाइन, मुलेठी, हल्दी और दाल चीनी का काढ़ा बनाएं। वहीं प्रोबायोटिक आपको खीमची, योगर्ट, इडली, ढोकला आदि से मिल सकता है। ड्रिंक की बात की जाएं तो प्रोबायोटिक की मात्रा सबसे ज्यादा कोम्बुचा में होती है।

टेबल्स में बढ़ी दूरी

ओटीएच के ओनर दुष्यंत सिंह ने बताया, कोरोना खाने की वजह से नहीं बल्कि ड्रॉपलेट्स फैलता है। ऐसे में रेस्टोरेंट में कस्टमर्स का आना कम नहीं हुआ है। साथ ही वो बिना डर के डिशेस भी ऑर्डर कर रहे हैं। वहीं क्यूयू के ओनर आयुष पोद्दार ने बताया, कस्टमर्स के लिए सिटिंग अरेंजमेंट बदला गया है। ताकि टेबल्स में दूरी रह सके।

प्रेजरवेटिव के बिना डिशेस

होटल हिल्टन ने प्रेजरवेटिव न इस्तेमाल करने का निर्णय लिया है। इससे सभी को फ्रेश सब्जियों और मसलों का खाना सर्व होगा। कोल्ड स्टोरेज से भी बीमारी के फैलने का डर रहता है। ऐसे में सिर्फ फ्रेश रेसिपीज ही बनाई जाएंगी। इसी तर्ज पर इन्होंने बुफे मेन्यू भी बदला है। जिसमें अब सीजनल सब्जी से ही डिशेस तैयार होगी।

बच्चों और बुजुर्गों को दें हीलिंग बाउल

अगर पेट में बैक्टीरियल फ्लोरा बैलेंस होगा तो बॉडी न्यूट्रिएंट्स जल्दी एब्जॉर्ब कर पाएगी। ऐसे में रूम टेम्प्रेचर का दही और छाछ का सेवन करें। डायटीशियन अदिति मल्होत्रा ने बताया, बदलते मौसम और बीमारी के चलते आइसक्रीम जैसी ठंडी चीजें न खाएं। बल्कि पानी भी हल्का गरम करके पिएं। रेसिपीज में लहसुन और अदरक का इस्तेमाल ज्यादा रखें। लेकिन बुजुर्ग और बच्चों के लिए हीलिंग बाउल्स (हैल्दी डाइट) बनाए जा सकते हैं। इस मील में सब्जियों का फ्रेश सूप शामिल है। जिसे कम नमक, लहसुन, अदरक, दाल चीनी, काली मिर्च जैसे गरम मसालों से बनाया जाना चाहिए। इस तरह के बाउल्स बॉडी को फाइटोन्यूट्रिएंट्स देगा।

हीलिंग बाउल्स (हैल्दी डाइट)
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