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बोर्ड में खाली हैं 3 सदस्यों के पद, जमीन के 62 हजार मुकदमों में तारीख पे तारीख

एक वर्ष पहले
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प्रदेशभर में संभागीय आयुक्त, कलेक्टर व आरएए की अपील सुनने वाले रेवेन्यू बोर्ड में तीन सदस्यों के पद खाली है। बोर्ड में आईएएस कोटे से दो व आरएएस कोटे से एक सदस्य की नियुक्ति का इंतजार है। पिछले दिनों पांच आरएएस व दो वकील कोटे से सदस्यों की नियुक्ति के बाद भी खाली रहे पदों के कारण यहां चल रहे 62 हजार मुकदमों की सुनवाई प्रभावित हो रही है। रेवन्यू बोर्ड में एक अध्यक्ष व 20 सदस्य की पोस्ट हैं। जमीनों के बंटवारे, मालिकाना हक, नामांतरण और सीमांकन सहित अन्य प्रकरणों के विवाद के मामले रेवन्यू कोर्ट में दर्ज होकर सुनवाई होता है। इन केसों की एसीएम, एसडीएम, कलेक्टर, आरएए व संभागीय आयुक्त कोर्ट में सुनवाई के बाद रेवेन्यू बोर्ड में अपील होती है। लेकिन वहां भी सदस्यों के पद खाली रहने के कारण मुकदमों पर फैसला होने के बजाए तारीख ही मिलती है। बोर्ड में फिलहाल 17 अधिकारी सुनवाई करते है, यानि एक अधिकारी के जिम्मे साढ़े तीन हजार से ज्यादा केस है।

आईएएस की अपील
सुनते हैं आरएएस


रेवन्यू बोर्ड मे आईएएस के छह, आरएएस के 11, न्यायिक सेवा से दो व वकील कोटे से दो पद मंजूर है। बोर्ड को आईएएस के लिए डंपिंग पोस्टिंग माना जाता है। ऐसे में यहां पर आरईएस से ज्यादा आरएएस के पद निर्धारित है। रेवन्यू बोर्ड में संभागीय आयुक्त व कलेक्टरों की अपील को सुनाता है। अनिता भदेल ने 28 फरवरी को विधानसभा में यह मुद्दा उठाते हुए कहा था कि रेवन्यू बोर्ड लास्ट अपीलेट ऑथोरिटी को सुनता है। वहां आरएएस होने के कारण अपील सुनने में दिक्कत होती है। ऐसे में केवल सीनियर आईएएस अधिकारियों की ही पोस्टिंग की जाए। भदेल ने रेवन्यू कोर्टों में भ्रष्टाचार का मुद्दा भी उठाया था।

विधानसभा में भी उठ चुका है है मुद्दा

विधानसभा में जमीनों के मुकदमों का शीघ्र निस्तारण करने के लिए विधायकों ने रेवन्यू बोर्ड में निर्धारित संख्या में सदस्यों की नियुक्ति व दूसरे रेवन्यू कोर्ट में सुनवाई निर्धारित करने का मुद्दा उठा चुके है। विधायकों ने न्यायिक व वकील कोटे से 2-2 सदस्य बढ़ाने की बात कह चुके है।

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