- Hindi News
- National
- Jaipur News Rajasthan News Research Papers Of City Doctors Included In The World39s Prestigious Medical Journal
शहर के डाॅक्टर्स के रिसर्च पेपर दुनिया के प्रतिष्ठित मेडिकल जर्नल में शामिल
गुड न्यूज
सेन फ्रांसिस्को में 550 रिसर्च पेपर में डाॅ. पवन का पेपर बेस्ट
सेन फ्रांसिस्को स्थित अमेरिकन कॉलेज अॉफ सर्जन्स जर्नल कांग्रेस 2019 में जयपुर एसएमएस के ईएनटी सर्जन डॉ. पवन सिंघल के रिसर्च पेपर भी प्रजेंट किया गया। दुनियाभर के 550 रिसर्च में सिंह के पेपर को बेस्ट रिसर्च पेपर का अवाॅर्ड दिया गया। उनका शोध टैपॉनोप्लास्टी (कान के पर्दे संबंधी) टेक्निक पर बेस्ट था। डॉ. सिंघल के 34 रिसर्च पेपर्स इंटरनेशनल व नेशनल लेवल पर पर्सेंट हो चुके हैं। उन्हें 2018 में राजस्थान सरकार की ओर से स्टेट मैरिट अवाॅर्ड से सम्मानित किया गया है।
न्यूरोट्रामा पर किया शोध, ऑक्सफोर्ड में शामिल
एविडेंस बेस्ड रिसर्च के चलते एसएमएस के न्यूरो सर्जन डॉ वीरेंद्र सिन्हा के अब तक 110 रिसर्च पेपर दुनिया के बड़े मेडिकल जर्नल में पब्लिश हो चुके हैं। 2019 में ऑक्सफोर्ड ने अपने मेडिकल जर्नल में ‘चैलेंजेस इन न्यूरो-ट्रोमा मैनेजमेंट इन इंडिया एंड रेपिडली ग्रोइंग डेवलपिंग कन्ट्रीज’ चैप्टर शामिल किया है जिसके ऑथर डॉ. सिन्हा ही है। इसमें उन्होंने न्यूरो-ट्रोमा की प्रोब्लम और इसके प्रिवेंशन से जुड़ी अहम जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि न्यूरो-ट्रोमा का हर ऑपरेशन अपने आप में चैलेंज है। मेरे मोस्ट 15 क्रिटिकल ऑपरेशन में किशनगढ़ के पेशेंट (सर में कुल्हाड़ी का आधा हिस्सा घुस चुका था) सबसे चैलेंजिंग था।
डॉ. प्रवीण माथुर की रिपोर्ट जर्नल नेचर साइंटिफिक में
एसएमएस हॉस्पिटल के चाइल्ड स्पेशलिस्ट डॉ. प्रवीण माथुर के पंच कोलोन डिजीज पर किए शोध को 2019 के आखिर में अमेरिका की प्रतिष्ठित जर्नल नेचर साइंटिफिक रिपोर्ट में शामिल किया गया है। इसमें शिशु की इंटेस्टाइन (आंत) पेट में गोले के रूप में विकसित होती है जिसके चलते मल का शरीर से निकास नही हो पाता। उन्होंने बताया कि पहले यह मानना था कि कुपोषण इस बीमारी की मुख्य वजह हो सकती है। लेकिन मैंने पिछले 25 साल के शोध में पता लगाया कि 6 तरह की जीन्स इस बीमारी का कारक है। यह शोध नई दिल्ली स्थित आईसीएमआर द्वारा प्रायोजित किया गया था।
जयपुर के डॉक्टर्स के रिसर्च पेपर को वर्ल्ड की प्रतिष्ठित मेडिकल जर्नल्स
में शामिल किया गए है। इससे
दुनियाभर के मेडिकल स्टूडेंट्स काे न केवल भारत बल्कि पूरे एशिया के देशों की बीमारियों का अध्ययन करने का मौका मिलेगा।
शहर के डॉ. पवन सिंघल, डॉ. वीरेंद्र सिन्हा और डॉ. प्रवीण माथुर के रिसर्च वर्क की भी यूएसए सहित विश्वभर के टॉप मेडिकल एसोसिएशन ने सराहना की है। (रिपोर्ट : मोहम्मद फारुख)