मोहल्ले की खाली जमीन, स्कूल व दान के भवनों में तीन फार्मूले पर चलाएंगे

Jaipur News - डूंगरसिंह राजपुरोहित.|जयपुर सीएम अशोक गहलोत की महत्वाकांक्षी योजना जनता क्लिनिक को इंटरनेशनल ब्रांड देने पर...

Jul 14, 2019, 08:30 AM IST
डूंगरसिंह राजपुरोहित.|जयपुर

सीएम अशोक गहलोत की महत्वाकांक्षी योजना जनता क्लिनिक को इंटरनेशनल ब्रांड देने पर गंभीर प्रयास शुरू हो चुके हैं। हर मोहल्ले-गली को कुछ मीटर दूरी पर फ्री प्राथमिक उपचार के लिए करीब 5 हजार जनता क्लिनिक खोलने की कवायद है। दिल्ली में तीन साल में 200 भी मोहल्ला क्लिनिक नहीं खुले हैं, लेकिन राजस्थान में नि:शुल्क दवा योजना की तर्ज पर गहलोत की जनता क्लिनिक योजना को बड़े पैमाने पर सफल बनाने के फार्मूले तैयार किए जा रहे हैं। कई जगह पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) माॅडल पर भी जनता क्लिनिक चलाए जाएंगे। लेकिन बड़े स्तर पर हर मोहल्ले की खाली सरकारी जमीन, खाली स्कूल आदि भवन, दानदाताओं द्वारा गिफ्टेड भवनों में जनता क्लिनिक चलाए जाएंगे। हर वार्ड स्तर पर यह जिम्मेदारी स्थानीय नेताओं और जिला प्रभारी चिकित्सा अधिकारियों को जल्द सौंपने की तैयारी है। स्पेशलिस्ट डाक्टरों की पारी बांधी जाएगी कि वे अपने चिकित्सालय से फ्री होने के बाद रोज एक से तीन घंटे जनता क्लिनिक पर भी देंगे। उनको रोटेशन के आधार पर लगाया जाएगा।

कंपनियों का 2% सीएसआर पैसा लगेगा जनता क्लिनिक संचालन में

सरकार प्रदेश में काम कर रही प्राइवेट कंपनियों के कॉर्पोरेट सोश्यल रिस्पोंस का 2 फीसदी पैसा जनता क्लिनिक के संचालन और रखरखाव के लिए लेने का नया आदेश जारी पर विचार कर रही है। यदि प्रदेश की डेढ़ हजार कंपनियों से ही 2 फीसदी सीएसआर का पैसा सरकार लेने में सफल रही तो हर साल एक हजार करोड़ रुपए से अधिक फंड जमा हो सकता है। कई जगह बड़े निवेशक मिलने पर कंपनियों या उद्योगपतियों को प्रोजेक्ट के तौर पर पूरे जिले का जनता क्लिनिक चलाने का काम देने पर भी उच्च स्तर पर प्लान है।

सबसे बड़ी समस्या डाक्टरों की, प्रदेशभर में 45 फीसदी पद खाली

प्रदेश में डाक्टरों के 45 फीसदी पद खाली पड़े हैं। करीब 3 हजार डाक्टरों के पद मेडिकल काॅलेजों के खाली पड़े हैं। सेवारत डाक्टरों के भी 2 हजार से अधिक पद खाली है। 45 हजार के करीब पैरा मेडिकल स्टाफ में भी बड़ी संख्या में पद खाली है। ऐसे में समस्या यह आएगी कि पहले से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, उप स्वास्थ्य केंद्र, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और जिला अस्पतालों में ही उपचार व्यवस्था ठीक नहीं है तो जनता क्लिनिक के लिए स्टाफ कैसे जुटाएंगे। हालांकि गहलोत ने बजट में 15 हजार भर्तियां हैल्थ डिपार्टमेंट में घोषित की है। फिर भी अफसरों के अनुसार 5 हजार जनता क्लिनिक भी खुले तो उनको समय पर संभालना दिक्कत भरा काम होगा।


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