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ऑपरेशन के 3 महीने बाद स्विमिंग, फिर ट्रैकिंग, अब नेशनल पैरा एथलिटिक के लिए क्वालिफाई
इंस्प्रेशनल स्टोरी
अचीवमेंट : इंडिया का पहला हैंडिकैप ‘सी’ सर्टिफिकेट होल्डर
साथ ही वनराज एयर स्क्वाड्रन एनसीसी से ‘सी’ सर्टिफिकेट हासिल करने वाला अंशुल भारत का पहला कैडेट है, जिसने पैर गंवाने के बाद भी एग्जाम देकर यह सर्टिफिकेट हासिल किया है। अंशुल ने एनसीसी में रहते हुए ऑल इंडिया वायु सैनिक कैंप में राजस्थान को रिप्रजेंट करने के साथ कई मेडल अपने नाम किए हैं। रिटन एग्जाम के कुछ दिन पहले ही यह हादसा हुआ और वह ‘सी’ सर्टिफिकेट से वंचित रह गया। लेकिन दिल्ली मुख्यालय से परमिशन मिलने के बाद अंशुल ने एग्जाम दिया और यह गौरव हासिल किया।
हौसला : एक्सीडेंट के तीन महीने बाद ही की स्वीमिंग जॉइन
डॉक्टर को गलत साबित करने के लिए अंशुल ने ऑपरेशन के तीन महीने बाद ही स्वीमिंग जॉइन कर ली। हालांकि स्वीमिंग के दौरान काफी ब्लीडिंग भी हुई, लेकिन हिम्मत नहीं हारी और कंटीन्यू रखा। सात महीने बाद 10 अक्टूबर 2018 को उदयपुर में आयोजित वॉकाथन का हिस्सा बना और 5 किमी रनिंग की। इसके बाद गोवा, शिमला यात्रा के अलावा तुंगनाथ और 26 किमी खीरगंगा ट्रैकिंग करके डॉक्टर को गलत साबित किया। अंशुल अब दुनिया के पहले हेंडीकेप्ड मेल माउंटेनियर और एथलीट बनने की राह पर हैं।
फिट रहने के लिए सोमवार से शुक्रवार तक ढ़ाई घंटे जिम में वर्कआउट और शनि-रवि को करीब 40 किमी साइक्लिंग करता हूं। डाइट में आधा लीटर दूध, 10 अंडे, प्रोटीन शेक और ड्राई फ्रुटस लेता हूं।
-अंशुल बंसल, एथलीट
30 जनवरी 2018 को सुबह अंशुल कोचिंग के लिए जा रहा था। अचानक रॉन्ग साइड से आ रही स्कूल बस से अंशुल टकरा जाता है। दो महीने के भीतर 5 ऑपरेशन होते हैं, अंत में पस पड़ जाने के कारण डॉक्टर्स को दाहिना पैर घुटने के ऊपर से अलग करना पड़ता है। ऑपरेशन के बाद डॉक्टर ने सलाह दी की जल्द रिकवर होने के लिए कुछ दिन बाद धीरे-धीरे हिलना डुलना शुरू कर देना। हां, अब ट्रेकिंग को भूल जाना। अगर अपने पैरों पर खड़े होना चाहते हो तो सरकारी नौकरी की तैयारी करना शुरू कर दो। यह कहानी है जयपुर के मानसरोवर निवासी एथलीट अंशुल बंसल की। जिन्होंने एक्सीडेंट के 2 साल बाद हाल ही जोधपुर में हुए स्टेट गेम्स में 4 मेडल जीतकर मैसूर में होने वाली 19वीं नेशनल पैरा एथलिटिक चैंपियनशिप के लिए क्वालिफाई कर लिया है। हालांकि कोरोना के चलते यह चैंपियनशिप स्थगित हो गई है।