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जीत की उम्मीद कम लेकिन कांग्रेस में प्रत्याशी को लेकर एक धड़े की नाराजगी का भाजपा उठाना चाहती है फायदा
राज्यसभा चुनावों में भाजपा ने एन वक्त पर ओंकार सिंह लखावत को दूसरे प्रत्याशी के रूप में नामांकन दाखिल करवा कर नया सियासी दावं खेला है। हालांकि राज्यसभा के लिए पार्टी के विधायक व्हिप से बंधे होते हैं और इसके लिए ओपन वोटिंग भी होती है। इसलिए क्रॉस वोटिंग की संभावना कम ही रहती है। लेकिन मौजूदा समय में कांग्रेस के भीतर जो असंतोष नजर आ रहा है उसे देखते हुए भाजपा ने लखावत को मैदान में उतारने का फैसला लिया है। हालांकि 18 मार्च को नामांकन वापसी का अंतिम दिन है। यदि भाजपा अपने अतिरिक्त प्रत्याशी का नामांकन वापस नहीं लेती है तो वोटिंग से ही निर्वाचन का निर्णय होगा। ऐसे में प्रदेश में एक और बाड़ाबंदी तय है। वोटिंग से पहले भाजपा और कांग्रेस दोनों को ही अपने विधायकों को एकजुट करने की कोशिश करेंगे। भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनियां बोले कि हमने अपना यह उम्मीदवार इस उम्मीद के साथ उतारा है, क्योंकि कांग्रेस के अलावा दूसरे दल भी हैं जो इस सरकार के कामकाज से नाराज हैं। हम अपनी पूरी कोशिश करेंगे और गहलोत सरकार के खिलाफ असंतोष को आधार बनाकर आगे बढ़ेंगे।
नामांकन वापसी के सवाल पर पूनियां ने कहा कि हम चुनाव को लेकर गंभीर हैं, नामांकन वापस नहीं करेंगे, हमारी रणनीति का खुलासा नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि कांग्रेस में मुख्यमंत्री पद की महत्वाकांक्षाओं की रेस जो विधानसभा चुनाव से पहले भी थी और आज भी बरकरार है। इसी के चलते जिस तरीके की फूट सरकार में है, वह सदन में और बाहर दिखाई देती है। सरकार कमजोर है, इसलिए बहुत लंबे समय तक चल नहीं सकती। सारी संभावनाएं जिंदा हैं। हम अपनी तरफ से कोई पहल नहीं करेंगे। कोई परिस्थिति बनेगी, उसका आंकलन करके, उसके बाद निर्णय करेंगे।
लखावत बोले-पार्टी ने निर्देश पर नामांकन भरा: वहीं अचानक नामांकन दाखिल करने पहुंचे लखावत ने कहा कि मुझे पार्टी ने जो निर्देश दिए उसकी पालना कर रहा हूं। आगे भी पार्टी जो कहेगी वही करूंगा।
राजेंद्र गहलोत ने मध्यप्रदेश में आए राजनीतिक संकट को लेकर बयान दिया। जिस पार्टी के नेता वंशवाद की राह पर चल रहे हैं उसमें किसी के लिए कुछ करने को नहीं है। इसलिए लोग कांग्रेस छोड़ रहे हैं।
डांगी बोले-मेरा नाम चौंकाने वाला: नीरज डांगी ने कहा कि मेरा नाम खुद के लिए भी चौंकाने वाला है। एक कार्यकर्ता को आलाकमान ने मौका दिया है। कांग्रेस में अपने पर विरोध पर डांगी बोले कि सभी ने मुझ पर विश्वास जताया है साथ लेकर चलूंगा।
वेणुगोपाल ने कहा कि राजस्थान के केंद्रीय मुद्दों को प्रमुखता से उठाएंगे। उन्होंने पार्टी आलाकमान का राजस्थान से राज्यसभा सीट पर प्रत्याशी बनाए जाने पर आभार जताया।
भाजपा से राजेंद्र गहलोत व ओंकार सिंह लखावत तो कांग्रेस से वेणुगोपाल ने दाखिल किया नामांकन