पक्षी दूत / पांच दिन से काम-धंधा छोड़ बचाव कार्य में जुटे, कुछ की चिंता सिर्फ सोशल मीडिया पर पब्लिसिटी तक

ओमप्रकाश-दिनेश और पुनरेश। ओमप्रकाश-दिनेश और पुनरेश।
X
ओमप्रकाश-दिनेश और पुनरेश।ओमप्रकाश-दिनेश और पुनरेश।

  • ओमप्रकाश और दिनेश पांच दिन से काम छोड़कर पक्षियों की सेवा में लगे हैं
  • रेलवे में पैसेंजर गार्ड पुनरेश रोज ड्यूटी के बाद रेस्क्यू में लग जाते हैं

दैनिक भास्कर

Nov 16, 2019, 01:03 AM IST

जयपुर. झील में परिंदों की मौत का सिलसिला दीपावली के बाद ही शुरू हो गया था। लेकिन न तो सांभर साल्ट और न ही लोकल बॉडीज इस दर्द को पहचान पाए। वन विभाग को मौके पर पहुंचने में कई दिन लग गए तो चीफ वाइल्ड लाइफ वार्डन का पगफेरा तो तब हुआ, जबकि हाईकोर्ट ने जवाब मांग लिया। इस बीच झील के आसपास के कुछ स्थानीय और छोटे स्तर पर काम-धंधा करने वाले पक्षियों की जान बचाने को आगे आए। वहीं, सोशल मीडिया पर खुद को पक्षी प्रेमी बताने वाले कुछ लोग एकबार भी यहां झांकने तक नहीं आए।

 

ओमप्रकाश-दिनेश: 5 दिन से काम छोड़कर पक्षियों की सेवा में लगे

चार दिन पहले युवा दिनेश यादव और ओमप्रकाश सेन ने ही लगातार दम तोड़ रहे पक्षियों की खबर ऊपर तक पहुंचाई। दिनेश रेलवे में काम लेते हैं, जो 5 दिन से अपने ऑफिस नहीं पहुंचा है तो ओम का छोटा सा सैलून है, जिसे खोले 5 दिन हो गए। दोनों के चेहरे से मास्क और हाथों से दस्ताने नहीं हट रहे। वजह है वो पक्षियों को रेस्क्यू कर इलाज में मदद कराने में जुटे हैं। वन विभाग के अधिकारी भी उनके समर्पण के कायल हो रहे हैं।

 

पुनरेश: रेलवे के पैसेंजर गार्ड हैं, रोज ड्यूटी के बाद रेस्क्यू में लग जाते हैं

पुनरेश कुलश्रेष्ठ रेलवे में पैसेंजर गार्ड हैं। ड्यूटी फुलेरा में ही होने से बीच में समय निकालकर पक्षियों की मदद के लिए आगे आ रहे हैं। रेस्क्यू में मदद कर रहे हैं। इसी तरह पक्षियों के लिए कई सालों से अग्रसर रक्षा एनजीओ पूरी शिद्दत से पक्षियों को बचाने में जुटा है। उनकी टीम वन विभाग की नर्सरी में डॉ. माथुर के साथ पूरी मदद कर रही है। साथ ही जॉय गार्डनर भी दो दिन से मौजूद हैं।

 

10 हजार पक्षियों की मौत पर तीन जिलों के एसपी काे दर्ज कराई एफआईआर

कई साल से वन्यजीवों के संरक्षण में जुटे पीपुल फॉर एनीमल्स के प्रदेश प्रभारी बाबूलाल जाजू ने सांभर साल्ट लिमिटेड व 150 से अधिक अन्य अवैध इकाइयों के खिलाफ एसपी नागौर, अजमेर और जयपुर ग्रामीण के यहां प्राथमिकी दर्ज कराई है। जाजू के मुताबिक पहली बार 10 हजार पक्षियों के मरने के बावजूद समय रहते सुरक्षा के पर्याप्त कदम नहीं उठाए गए।

आज का राशिफल

पाएं अपना तीनों तरह का राशिफल, रोजाना