भास्कर खास / दुर्घटना-जीवन बीमा के बाद अब किसानों को सता रहा फसल बीमा से वंचित होने का डर

After accident-life insurance, farmers are now being scared of being denied crop insurance
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After accident-life insurance, farmers are now being scared of being denied crop insurance

  • 3.21 लाख किसानों की डिटेल पोर्टल पर अपलोड की

दैनिक भास्कर

Jan 12, 2020, 03:17 AM IST

जयपुर (सौरभ भट्‌ट). दुर्घटना बीमा और जीवन बीमा के बाद अब प्रदेश के लाखों किसान प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना से भी वंचित होते नजर आ रहे हैं। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की कटऑफ डेट 31 दिसंबर थी। यानी इस अवधि तक जिन किसानों के खातों से बीमा की प्रीमियम कट गया सिर्फ उन्हीं किसानों को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का फायदा मिल सकेगा। 


लेकिन 31 दिसंबर तक प्रदेश में सहकारी बैंकों से ऋण लेने वाले करीब 20 लाख किसानों में से सिर्फ 3.21 लाख किसानों के खातों को ही बीमा के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा पोर्टल पर अपलोड किया गया। डूंगरपुर में सिर्फ 9 किसानों के खातों को बीमा के लिए अपलोड किया गया। कमोबेश ऐसी ही हालत अजमेर, बाड़मेर, दौसा, जैसलमेर और गंगानगर के किसानों की रही। जैसलमेर और बाड़मेर में हाल में टिड्डियों के प्रकोप से हजारों किसानों की फसलें चौपट हुई हैं। इनके अलावा प्रदेश के अन्य जिलों में भी आपदा के किसानों की फसलें बर्बाद हुई हैं। 


ऐसे किसानों को प्रधानमंत्री फसल बीमा का फायदा नहीं मिलेगा क्योंकि जब उनका प्रीमियम जमा होगा बीमा की अवधि भी तभी से शुरू मानी जाएगी। अपेक्स बैंक ने राज्य सरकार के जरिए केंद्र से प्रीमियम जमा करवाने के लिए फसल बीमा योजना की समय सीमा बढ़ाने की मांग की थी। योजना की नोडल एजेंसी कृषि विभाग ने इसके लिए केंद्रीय कृषि कल्याण मंत्रालय को पत्र भी लिखा लेकिन वहां से कोई जवाब नहीं आया। 

हमने 15 जनवरी तक आंकड़े अपलोड करने के लिए छूट ले ली है: एमडी अपेक्स बैंक
हालांकि सहकारिता विभाग के अपेक्स बैंक एमडी इंदर सिंह का कहना है कि किसानों के खातों से प्रीमियम की राशि पहले ही काट ली गई थी इसके बाद प्रधानमंत्री फसल बीमा पोर्टल पर आंकड़े अपलोड करने के लिए केंद्र से 15 जनवरी तक की छूट ले ली गई है। लेकिन इस छूट का फायदा सिर्फ उन्हीं ऋणी किसानों को मिलेगा जिनके खातों से 31 दिसंबर तक बीमा प्रीमियम की राशि काट ली गई है। इसके तहत किसानों को खरीफ की फसल के लिये 2 फीसदी प्रीमियम और रबी की फसल के लिए 1.5% प्रीमियम का भुगतान करना पड़ता है। 

संड्री अकाउंट में पैसा डाला, सूचना नहीं भिजवाई तो क्लेम में दिक्कत
सहकारी बैंकों को जब लगा कि वे समय पर किसानों के खातों से बीमा की प्रीमियम राशि नहीं काट पाएंगे तो उन्होंने संड्री अकाउंट में किसानों की लमसम संख्या के हिसाब से प्रीमियम की राशि रख ली। अब जैसे-जैसे किसानों की सूचना आएगी उसे पोर्टल पर अपलोड कर दिया जाएगा। लेकिन जानकारों के मुताबिक इसमें जोखिम यह है कि यदि बैंक बीमा कंपनी को समय पर किसान के फसल की सूचना नहीं दे पाए कि कितने बीघा में उसने कौन से फसल बोई है तो क्लेम के वक्त बीमा कंपनियां आना कानी करेंगी।

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