सरकार का निर्णय / गणतंत्र दिवस से सरकारी स्कूलों में रोज पढ़ी जाएगी संविधान की उद्देशिका, स्कूल किताबों में भी होगी

स्कूली बच्चों को संविधान की मूल भावना से परिचित करवाने के लिए सरकार ने यह निर्णय लिया है। (फाइल फोटो) स्कूली बच्चों को संविधान की मूल भावना से परिचित करवाने के लिए सरकार ने यह निर्णय लिया है। (फाइल फोटो)
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स्कूली बच्चों को संविधान की मूल भावना से परिचित करवाने के लिए सरकार ने यह निर्णय लिया है। (फाइल फोटो)स्कूली बच्चों को संविधान की मूल भावना से परिचित करवाने के लिए सरकार ने यह निर्णय लिया है। (फाइल फोटो)

  • नए सत्र से स्कूल सिलेबस में किताबों के पहले पन्ने पर भी संविधान की उद्देशिका छपी हाेगी
  • शिक्षा मंत्री डोटासरा ने कहा- इस फैसले से बच्चे संविधान की मूल भावना से परिचित होंगे

दैनिक भास्कर

Jan 25, 2020, 12:21 AM IST

जयपुर. प्रदेश के 65 हजार प्रारंभिक और माध्यमिक शिक्षा के स्कूलों में 26 जनवरी से प्रार्थना सभा में राेज संविधान की उद्देशिका पढ़ी जाएगी। इसके अलावा नए सत्र से स्कूल सिलेबस में किताबों के पहले पन्ने पर भी संविधान की उद्देशिका छपी हाेगी।

शिक्षामंत्री गोविंद सिंह डोटासरा ने बताया कि राजस्थान के स्कूली बच्चों को संविधान की मूल भावना से परिचित करवाने के लिए सरकार ने यह निर्णय लिया है। वर्तमान में राष्ट्र में जिस तरह का माहौल बनाया जा रहा है, उसमें हमारे संविधान निर्माण की प्रस्तावना और भावों के प्रसार से ही हम देश में परस्पर सद्भाव, एकता, अखंडता को कायम रख सकते हैं। सरकार के इस निर्णय के बाद शिक्षा निदेशक हिमांशु गुप्ता ने इस संबंध में परिपत्र जारी कर दिया है। 


उधर, शिक्षा विभाग ने राजस्थान पाठ्यपुस्तक मंडल को पत्र लिखकर कहा है कि कक्षा 1 से 12 तक की पाठ्य पुस्तकों के प्रथम पृष्ठ पर भारतीय संविधान की उद्देशिका सत्र 2020-21 से हिंदी माध्यम की पुस्तकों पर हिंदी और अंग्रेजी माध्यम की पुस्तकों पर अंग्रेजी में छपवाई जाए। उन्हाेंने कहा कि संविधान की प्रस्तावना भारत के सम्पूर्ण प्रभुत्व सम्पन्न, समाजवादी, पंथ निरपेक्ष, लोकतंत्रात्मक गणराज्य के साथ ही न्याय, सभी धर्मों के सम्मान, एकता और अखंडता, व्यक्ति की गरिमा, परस्पर सद्भाव के भावों का प्रसार करती है।

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