शिक्षा / कॉलेज और विश्वविद्यालय शिक्षकों की रिटायरमेंट आयु 65 साल करने की सिफारिश

भंवर सिंह भाटी, उच्च शिक्षामंत्री- फाइल फोटो। भंवर सिंह भाटी, उच्च शिक्षामंत्री- फाइल फोटो।
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भंवर सिंह भाटी, उच्च शिक्षामंत्री- फाइल फोटो।भंवर सिंह भाटी, उच्च शिक्षामंत्री- फाइल फोटो।

  • सरकार के पास दो विकल्प है,  एक तो रिटायरमेंट आयु 65 साल करना या अन्य राज्यों की तर्ज पर इसे 62 साल करना
  • पिछले दिनों अखिल राजस्थान विश्वविद्यालय शिक्षक संघ ने इसे लेकर एक विस्तृत ज्ञापन मुख्यमंत्री को सौंपा था

दैनिक भास्कर

Jan 11, 2020, 02:57 AM IST

जयपुर (विनोद मित्तल). प्रदेश के कॉलेजों और यूनिवर्सिटीज में कार्यरत शिक्षकों की रिटायरमेंट आयु सीमा 60 से 65 साल करने की तैयारी है। मुख्यमंत्री कार्यालय ने इस पर कॉलेज आयुक्तालय से रिपोर्ट मांगी थी। पिछले महीने आयुक्तालय की ओर से भेजी गई रिपोर्ट में इस पर सहमति जताई गई। अब मामला सरकार के पास लंबित है। सरकार के पास दो विकल्प है। एक तो रिटायरमेंट आयु 65 साल करना या अन्य राज्यों की तर्ज पर इसे 62 साल करना। पिछले दिनों अखिल राजस्थान विश्वविद्यालय शिक्षक संघ ने इसे लेकर एक विस्तृत ज्ञापन मुख्यमंत्री को सौंपा था। इसके बाद मुख्यमंत्री कार्यालय ने इस पूरे मामले पर कॉलेज आयुक्तालय से तथ्यात्मक रिपोर्ट तलब की। कॉलेज आयुक्तालय के संयुक्त निदेशक ने 18 दिसंबर को अपनी रिपोर्ट तैयार कर सीएमओ को भिजवा दी, जिसमें रिटायरमेंट आयु 65 साल करने की सिफारिश की है।

रिपोर्ट में ये हैं प्रमुख तथ्य

  • यूजीसी ने विवि और कॉलेजों के शिक्षकों की रिटायरमेंट आयु 65 साल करने की अनुशंसा की है। केंद्रीय विश्वविद्यालयों में सेवानिवृत्ति आयु 65 साल कर दी गई है।
  • यूजीसी की अनुशंसा के अनुसार कई राज्यों ने रिटायरमेंट आयु 65 साल तो कुछ राज्यों ने बीच का रास्ता निकालते हुए 62 साल कर दी है।
  • विश्व के अधिकांश देशों में विश्वविद्यालय शिक्षकों की रिटायरमेंट आयु 65 साल ही है।
  • प्रदेश में चिकित्सा शिक्षा विभाग में भी चिकित्सा शिक्षकों की रिटायरमेंट आयु 65 वर्ष की जा चुकी है।
     

इन राज्यों ने बढ़ा दी है रिटायरमेंट आयु 
बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश, पश्चिमी बंगाल में रिटायरमेंट आयु 60 से 65 साल कर दी गई है। इसके अलावा गुजरात, उत्तरप्रदेश, आंध्रप्रदेश, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश में आयु 60 से 62 साल की जा चुकी है।

अनुभवी शिक्षकों से छात्रों को फायदा
इससे शिक्षकों की कमी पर ब्रेक लगेगा। अगर आयु नहीं बढ़ती तो 2027 के बाद 20 साल का अनुभव रखने वाले शिक्षकों की संख्या बहुत कम हो जाएगी। इससे रिसर्च प्रभावित होगी। लेकिन रिटायरमेंट आयु बढ़ने से अनुभवी शिक्षकों की कमी नहीं रहेगी।

शिक्षकों की आयुसीमा बढ़ाने पर विचार चल रहा है। यूजीसी की गाइडलाइन के आधार पर रिटायरमेंट आयु सीमा 65 साल होनी चाहिए। फिलहाल 62 साल करने पर मंथन चल रहा है। अब देखते हैं कि इसे कितने साल करने पर सहमति बनती है।- भंवर सिंह भाटी, उच्च शिक्षामंत्री

 

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