बदलाव / अब रीट में शामिल होने से पहले अभ्यर्थियों को बताना होगा कि पढ़ाई अंग्रेजी माध्यम से की है या हिन्दी से



REET, candidates, have to tell, they have studied through English or Hindi
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  • अंग्रेजी माध्यम के महात्मा गांधी राजकीय स्कूलों में शिक्षकों के लिए सरकार ने शुरू की तैयारी

Dainik Bhaskar

Oct 11, 2019, 12:59 AM IST

जयपुर. प्रदेश में अगले सत्र से 167 ब्लॉकों में खुलने वाले अंग्रेजी माध्यम के महात्मा गांधी राजकीय स्कूलों में शिक्षक उपलब्ध कराने के लिए सरकार ने अभी से तैयारी शुरू कर दी है। ताकि स्कूल खुलने के बाद इन स्कूलों में अंग्रेजी माध्यम में पढ़ाने वाले शिक्षक उपलब्ध कराने को लेकर कोई परेशानी नहीं आए और यह प्राइवेट स्कूलों से मुकाबला कर सके। इसके लिए सरकार राजस्थान शिक्षक पात्रता परीक्षा में नया प्रयोग कर सकती है। भविष्य में इस परीक्षा में शामिल होने वाले विद्यार्थियों से पूछा जा सकता है कि उसका पढ़ाई का माध्यम हिंदी और अंग्रेजी में से कौन सा रहा है। अभ्यर्थी जिस माध्यम से पात्रता प्राप्त करेगा उसको भविष्य में उसी माध्यम के स्कूल में 
लगाया जा सकेगा।
प्रदेश के 10 लाख बेरोजगार दो साल से रीट के आयोजन का इंतजार कर रहे हैं। सरकार ने अंतिम बार 2017 में रीट का आयोजन किया था। अब बेरोजगार लगातार रीट के आयोजन की मांग उठा रहे हैं। सरकार ने इसके आयोजन की दिशा में काम भी शुरू कर दिया है, लेकिन वह इस बात को भी सुनिश्चित कर लेना चाहती है कि इस परीक्षा में ऐसा कुछ नया किया जाए ताकि अंग्रेजी माध्यम के स्कूलों में भी शिक्षक उपलब्ध हो सके। इसके लिए रीट में शामिल होने वालों से पूछा जा सकता है कि वह हिंदी और अंग्रेजी माध्यम में से कौन सा चुनेगा। हालांकि इससे प्रश्न पत्र पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा। क्योंकि वह अब भी दोनों ही भाषाओं में उपलब्ध रहता है। लेकिन सरकार के पास विद्यार्थी के माध्यम की जानकारी पहुंच जाएगी। जो भविष्य में काम आएगी।

 

अभी दो भाषाओं के पेपर दे रहे हैं विद्यार्थी 
रीट के लेवल-1 और लेवल-2 में दो भाषाओं के पेपर देने पड़ते हैं। विद्यार्थी को भाषा-1 और भाषा-2 दोनों में अलग अलग भाषा का पेपर चुनना पड़ता है। लेकिन इससे विद्यार्थी के माध्यम का पता नहीं चलता। पेपर की इस व्यवस्था में तो कोई बदलाव नहीं होगा, लेकिन विद्यार्थी से उसका पढ़ाई का माध्यम पूछा जा सकता है। 
 

अभी यह है स्थिति : सरकार ने जिला मुख्यालयों पर 1-1 अंग्रेजी माध्यम के स्कूल खोले हैं। इनमें साक्षात्कार से शिक्षकों का चयन किया गया है। प्रिंसिपल भी ऐसे लगाए गए हैं जिनका अंग्रेजी पर अच्छा नियंत्रण है। अगले सत्र से 167 स्कूलों के लिए भी अंग्रेजी के एक्सपर्ट शिक्षक उपलब्ध कराना सरकार के लिए चुनौती रहेगा। 

 

 

हम रीट में इस बार दो लैग्वेंज करने जा रहे हैं। इसमें शामिल होने वालों से पूछा जाएगा कि उसका हिंदी माध्यम है या अंग्रेजी। जो विद्यार्थी अंग्रेजी माध्यम ले लेगा तो यह माना जाएगा कि वह अंग्रेजी में पढ़ा सकता है। इससे अंग्रेजी माध्यम के स्कूलों में पढ़ाने के लिए योग्य शिक्षकों का पता चल सकेगा।

- गोविंद सिंह डोटासरा, शिक्षा राज्यमंत्री

सरकार का यह निर्णय अच्छा है। इससे अंग्रेजी माध्यम के स्कूलों के लिए योग्य शिक्षकों के चयन में आसानी रहेगी। साथ ही जो शिक्षक अंग्रेजी माध्यम में पढ़ाना चाहते हैं, उनको भी एक प्लेटफॉर्म मिलेगा। वरना सरकारी स्कूलों में अंग्रेजी में एक्सपर्ट शिक्षक को भी हिंदी में ही पढ़ाना पड़ रहा है।

 - दीपेंद्र शर्मा, अध्यक्ष, राजस्थान बेरोजगार संघ

 

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