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जयपुर: भिवाड़ी में हादसे से 6 लोगों की मौत से मातम; हंसते हुए घर से निकले थे, 4 घंटे बाद मिली मौत की खबर

धार्मिक स्थल के दर्शन कर वापस दिल्ली जा रहे थे सभी

Dainik Bhaskar

Sep 10, 2018, 08:09 AM IST
आर्यन आर्यन

जयपुर. जयपुर-दिल्ली नेशनल हाइवे पर भिवाड़ी इलाके में जयसिंहपुरा खेड़ा बार्डर पर रविवार सुबह चार बजे कार ट्रक की भिड़ंत में छह लोगों की मौत हो गई। वे जयपुर में नई नाथ की यात्रा में शामिल होकर वापस दिल्ली लौट रहे थे।

जयपुर के शिवदासपुरा के पास स्थित सांसियों की ढाणी निवासी चार लोग एक ही परिवार के थे। दो लोग कानोता के पास स्थित जीतावाला के रहने वाले थे। दोनों परिवार आपस में रिश्तेदार हैं। सभी लोग नईनाथ की यात्रा में शामिल होकर अगली बार फिर मिलने का वादा कर रविवार तड़के जयपुर से दिल्ली के लिए रवाना हुए थे। मगर उनके रवाना होेने के चार घंटे बाद ही मौत की खबर आई। एक महिला गंभीर रूप से घायल हो गई। जिसे रोहतक के हॉस्पिटल में भर्ती करवाया है। इधर शिवदासपुरा व जीतावाला में जैसे ही मौत की खबर आई पूरे गांव में कोहराम मच गया। दोनों ढाणियों में दिन भर सन्नाटा रहा।

पिता-पुत्र की अर्थी उठी : नईनाथ से आने के बाद चंपी ,अनिता और आर्यन ढाणी से लिछमा व उसके देवर नरेश को लेने के बाद जीतावाला स्थित सुसराल गया। जहां पर साला सुनील उसकी पत्नी रेखा को लेकर रात एक बजे बाद दिल्ली के लिए रवाना हुए थे। रात तक चंपी व उनके बेटे आर्यन के शव की अंत्येष्ठि हो पाई। इसी ढाणी में लिछमा व उसके देवर नरेश के शव रखे हुए हैं। इनका अंतिम संस्कार सोमवार सुबह किया जायेगा।

कार के परखच्चे उड़े, गेट काटकर निकाला : हादसा इतना भीषण था कि कार के परखच्चे उड़ गए। मौके पर एकत्रित लोगों ने पुलिस को सूचना देकर ट्रक के नीचे दबी कार में फंसे लोगों को बड़ी मुश्किल से गेट काटकर बाहर निकाला और बावल हॉस्पिटल में भिजवाया । जहां शिवदासपुरा के पास स्थित सांसियों की ढाणी निवासी चंपी (35) दो वर्षीय बेटा आर्यन, लिछमा उर्फ लिच्छो (30), देवर नरेश, कानोता के जीतावाला निवासी सुनील (24) व पत्नी रेखा (20) को मृत घोषित कर दिया। चंपी की पत्नी अनिता की हालत गंभीर होने के कारण बावल से रोहतक रैफर कर दिया।

हर त्योहार पर दिल्ली से घर आते थे : हादसे का शिकार हुए सभी लोग पिछले तीन-चार साल से दिल्ली में रहकर काम करते थे। हर त्योहार और कार्यक्रम में शामिल होने वे जयपुर आते थे। छह सितंबर को ढाणी से नई नाथ महादेव मंदिर जाने वाली सालाना यात्रा में शामिल होने के लिए दिल्ली से कार लेकर जयपुर आए थे। सात सितंबर को सुबह पैदल यात्रा में शामिल होकर आठ को सुबह वापस घर लौटे। इसके बाद आठ की रात को ही शिवदासपुरा से कानोता के पास स्थित जीतावाला गए। जहां से परिचित सुनील और रेखा को साथ लेकर रात करीब एक बजे बजे जीतावाला से दिल्ली के लिए रवाना हुए।

रेखा रेखा
चंपी चंपी
सुनील सुनील
हादसे के बाद क्षतिग्रस्त कार। हादसे के बाद क्षतिग्रस्त कार।
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आर्यनआर्यन
रेखारेखा
चंपीचंपी
सुनीलसुनील
हादसे के बाद क्षतिग्रस्त कार।हादसे के बाद क्षतिग्रस्त कार।
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