जयपुर / रोडवेज 4.5 हजार करोड़ रु. के घाटे में, लेकिन बिल्डिंग के वास्तु पर खर्च कर दिए 19 लाख रु.

Roadways in losses of 4.5 thousand crores
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Roadways in losses of 4.5 thousand crores

  • माली हालत सुधारने के लिए अच्छी प्लानिंग करने की बजाय वास्तु का टोटका
  • अपने कर्मचारियों की वेतन भी नहीं दे पा रहा विभाग, अभी 7 लाख और खर्च की तैयारी 

Jul 13, 2019, 12:43 AM IST

जयपुर (नरेश वशिष्ठ). साढ़े चार हजार करोड़ रुपए से अधिक के घाटे में चल रहे राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम की हालत में सुधार के लिए वास्तु का सहारा भी लिया जा रहा है। लेकिन इसका फायदा मिलता नहीं दिख रहा। दरअसल, जयपुर में सिंधी कैंप की बिल्डिंग के निर्माण से पहले वास्तु के नाम पर 19 लाख रु. खर्च किए गए।

 

उम्मीद थी कि रोडवेज की दशा सुधरेगी और हालात बदलेंगे, लेकिन जिस बिल्डिंग में यह वास्तु लगाया गया, वह पांच साल बाद भी अटकी हुई है। इस बीच, रोडवेज का घाटा घटने के बजाय और बढ़ गया। यहां तक कि जून, 2016 से रिटायर 3000 से अधिक कर्मचारियों को सेवानिवृति परिलाभ तक अटके हुए हैं। यह राशि करीब 600 करोड़ रुपए तक हो गई है। चौंकाने वाला तथ्य यह है कि रोडवेज प्रशासन की ओर वास्तुकार को 7 लाख रुपए का भुगतान और किया जाना है।

 

सरकार बदलने के साथ बिगड़ता गया वास्तु
कांग्रेस की पिछली सरकार ने 18 सितंबर 2013 को सिंधी कैंप बस स्टैंड पर 50 करोड़ की लागत से तीन मंजिला बिल्डिंग बनाने का निर्णय किया। चुनाव से पहले सरकार ने इसका शिलान्यास भी कर दिया। पहले फेज में 30 करोड़ की लागत से 34 हजार वर्गमीटर क्षेत्रफल में यह बिल्डिंग बननी थी। इसका पिछला हिस्सा खोद दिया गया। सरकार बदल गई तो प्लान भी बदल गया। पुराना काम बंद कर दिया अाैर 110 करोड़ की लागत से 11 मंजिला बिल्डिंग बनाने का सपना दिखाया गया। बिल्डिंग में साइकिल स्टैंड चलता रहा। चार साल सरकार सोती रही और फिर वर्ष 2017 को 10 करोड़ रुपए जारी किए। अब तक 26 करोड़ से अधिक खर्च कर दिए, लेकिन अभी तक यह बिल्डिंग शुरू ही नहीं की जा सकी है।

 

सरकार के प्लान में शामिल वास्तु
रोडवेज प्रशासन की एक रिपोर्ट के अनुसार बिल्डिंग का काम शुरू करने से पहले रोडवेज ने वास्तु का सहारा लिया। दिल्ली की एक कंपनी को 12 लाख रुपए देकर वास्तु सलाह ली गई। अब सात लाख रुपए और दिए जाने की तैयारी है। यह अलग बात है कि वास्तु के चक्कर में तीन साल में बनने वाली बिल्डिंग आज तक नहीं बनी। हां, तोड़फोड़ जरूर होती रही। गौरतलब है कि वास्तु के लिए बाकायदा कोटेशन निकाला गया था।

 

अभी वास्तु का पूरा भुगतान नहीं किया
रोडवेज के असिस्टेंट सुपरिडेंट इंजीनियर सुरेश चौधरी का कहना है कि वास्तु कंपनी को 19 लाख रुपए का भुगतान किया जा चुका है। अभी सात लाख रुपए का भुगतान किया जाना है। दूसरी ओर, सुपरिडेंट इंजीनियर मुकेश राणा का कहना है कि बिल्डिंग काे पूरा होने में अभी समय लगेगा।

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