भिवाड़ी / जो गंगा किनारे रहते हैं, उन्हें भी डुबकी लगाने खुद आना पड़ता है, गंगा उनके पास नहीं जाती: भागवत



RSS Sarsanghchalak Mohan Bhagwat arrives at Tijara's Gahankar Ashram
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RSS Sarsanghchalak Mohan Bhagwat arrives at Tijara's Gahankar Ashram

  • तिजारा के गहनकर आश्रम पहुंचे आरएसएस के सरसंघ चालक मोहन भागवत
  • उन्होंने 123 वर्षीय बाबा कमलनाथ से मुलाकात की और उनसे आशीर्वाद लिया

Dainik Bhaskar

Sep 13, 2019, 01:11 AM IST

भिवाड़ी/तिजारा. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघ चालक मोहन भागवत बुधवार को तिजारा के गहनकर आश्रम पहुंचे और आश्रम के बाबा कमलनाथ से मुलाकात की। भागवत ने 123 वर्षीय बाबा कमलनाथ के पैर छूकर कहा कि आपका आशीर्वाद लेने बहुत दूर से आया हूं। जवाब में बाबा ने कहा कि हिंदुत्व की रक्षा का भार संघ के कंधों पर है, इसे निभाओ।

 

अपने 69वें जन्मदिवस पर बाबा कमलनाथ से मिलने पहुंचे मोहन भागवत ने कहा कि जो बातें हजारों वर्ष पहले देश में कही जाती थीं, वह आज भी विद्यमान हैं।  एक कहानी के माध्यम से भागवत ने कहा कि एक बार दो लोगों को भगवान ने दर्शन देकर वर मांगने को कहा। एक ने कहा कि भगवान मृत्यु के बाद जब मैं तुम्हारे घर आऊं तब तक मेरा जवान पोता सिंहासन पर बैठकर भरे-पूरे परिवार के साथ सोने की थाली में भोजन कर रहा हो। भगवान ने कहा कि सोने का सिंहासन हो और भरा-पूरा परिवार भी। उसने एक ही वर में भगवान से सब कुछ मांग लिया। भगवान ने उसे तथास्तु कह दिया।

 

दूसरे का नंबर आया तो वह खैनी खाने का शौकीन था। बोलने से पहले उसकी डिब्बी में चूना समाप्त हो गया। तभी भगवान ने उससे कहा कि तुम्हे क्या चाहिए। उसने कहा भगवान चूना नहीं है। भगवान ने उसे भी तथास्तु कह दिया। कहने का मतलब है कि जो लोग गंगा किनारे रहते हैं, उन्हें भी नहाने के लिए वहां जाकर पानी में डुबकी लगानी पड़ती है। पानी उनके पास नहीं आता। मोहन भागवत ने भाषण में हिंदुत्व का अर्थ स्पष्ट करते हुए कहा कि हम लोग हिंदुत्व का मतलब भूलते जा रहे हैं। हमें इसे किसी भी सूरत में नहीं भूलना है। मोहन भागवत एवं बाबा कमलनाथ ने कमरे में करीब 10 मिनट तक मंत्रणा की।

 

भागवत के काफिले में शामिल एंबुलेंस से भेजा था अस्पताल 
अलवर | बुधवार को मुंडावर क्षेत्र में आरएसएस के सरसंघचालक मोहन भागवत के काफिले में शामिल वाहन की टक्कर से 6 साल के बच्चे की मौत और उसके दादा के घायल होने की घटना में यह बात सामने आई है कि हादसे के बाद गंभीर रूप से घायल दादा-पोते को एंबुलेंस से मुंडावर सीएचसी भेजा गया था। यह एंबुलेंस सरसंघचालक भागवत के काफिले के साथ चल रही थी। मुंडावर सीएचसी में डॉक्टरों ने बच्चे को मृत घोषित कर दिया था तथा उसके दादा श्योपुर के सरपंच चेतराम यादव को पहले बहरोड़ और फिर जयपुर रैफर कर दिया गया था।

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