समझदार बनें / शहर में बच्चा चोर गिरोह सक्रिय... ये अफवाह है, बदमाश समझकर बेगुनाहों को न पीटें



rumor: Kidnapping gang in town active
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rumor: Kidnapping gang in town active

  • पिछले दाे महीने में ऐसी अफवाहों पर मारपीट की कई घटनाएं सामने आई हैं
  • अब सोशल मीडिया पर भ्रामक मैसेज वायरल करने वालों पर दर्ज होगा केस

Dainik Bhaskar

Aug 30, 2019, 12:06 AM IST

जयपुर. प्रदेशभर में बच्चा चोर गिरोह सक्रिय है...वाॅट‌्सएप-फेसबुक जैसे किसी सोशल मीडिया प्लेटफाॅर्म पर शायद आपने भी इसके वीडियो देखे होंगे या किसी से सुना होगा। मगर यह अफवाह है। इसका नुकसान ये है कि गली-मोहल्लों में शक के आधार पर ही लोग महिलाओं और विमंदित युवकों को बच्चा चोर समझकर उनकी पिटाई कर देते हैं और फिर उन्हें पुलिस को सौंप देते हैं।

 

प्रदेशभर में ऐसी अफवाह फैलने से पुलिस मुख्यालय में बैठे अफसर भी पशोपेश में पड़ गए हैं। ऐसी अफवाह पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस मुख्यालय ने सभी जिला एसपी और डीसीपी काे साेशल मीडिया पर फर्जी वीडियाे बनाकर अफवाह फैलाने वाले लाेगाें के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के निर्देश दिए हैं। पिछले दाे माह में ऐसी मारपीट की कई घटनाएं सामने आई हैं। पुलिस मुख्यालय ने सभी जिलाें से इन घटनाओं की रिपाेर्ट मांगी है।

 

इन वायरल मैसेज में क्या है? 
बच्चा चाेरी की आशंका के आधार पर महिला या किसी युवक को पकड़ा जाता है। वहां मौजूद कुछ युवा इनका वीडियो बना देते हैं। फिर उनसे मारपीट कर बच्चा चाेरी की घटनाओं के बारे में सवाल करते हुए कुछ बातें पूछते हैं। अगर उनकी बातों पर वे हां नहीं करते हैं तो फिर उनकी धुनाई कर दी जाती है। इसलिए वे हां में हां मिलाते रहते हैं।

 

वायरल वीडियो का सच ये है
मध्यप्रदेश आदि क्षेत्रों से आ रहे वीडियो को प्रदेश के किसी गांव की घटना बताते हुए सोशल मीडिया पर चेतावनी भरे शब्दों में वायरल कर दिया जाता है। फिर वॉट्सएप ग्रुप में ये अलग-अलग वायरल होता रहता है। दहशत फैलाने के लिए इनमें ये भी कहा जाता है कि पांच से दस साल के बच्चाें का अपहरण करके उनके अंग बेचे जा रहे हैं।

 

अजमेर में बच्चों को डांट रही टीचर को ही समझ लिया बच्चा चोर

अजमेर के फायसागर राेड स्थित एक प्राइवेट स्कूल में बच्चाें काे शरारत करने पर डांट रही एक अन्य स्कूल की महिला टीचर को लोगों ने बच्चा चोर समझ लिया। उसे कार सहित पुलिस चाैकी ले गए। करीब तीन साै से ज्यादा लाेग चाैकी के बाहर एकत्र हाे गए और आक्राेश जाहिर करने लगे। पुलिस काे हल्का बल प्रयाेग भी करना पड़ा। उधर पुलिस ने सुरक्षा घेरे में महिला काे गंज थाने पहुंचा दिया। बच्चाें व महिला के बयान की तस्दीक के बाद सामने आया कि महिला टीचर लाेगाें की गलतफहमी और अफवाह का शिकार हुई थी।

 

चित्तौड़गढ़ में 6 व जयपुर ग्रामीण में 2 घटनाएं हुईं
चित्ताैड़गढ़ में एक सप्ताह में छह ऐसी घटनाएं हो चुकी हैं, जिनमें शंका के आधार पर किसी क्षेत्र में घूमती महिलाओं को पकड़ लिया जाता है। फिर उसकी धुनाई कर पुलिस को सौंप देते हैं। बाद में पुलिस को पता चलता है कि पकड़ी गई महिला विमंदित है। जयपुर ग्रामीण में ऐसी दाे घटनाएं हो चुकी हैंं। जहां दाे महिलाओं काे बच्चा चाेर गिराेह की बदमाश समझकर उनसे मारपीट की गई है। एक युवक कचरा बीन रहा था। ग्रामीणाें ने उसे बच्चा चुराने वाला समझा और उससे मारपीट कर दी।

 

बच्चा चोरी की घटना ही नहीं हुई
बच्चाें की चुराने जैसी अभी तक काेई घटना नहीं हुई है। ये सब वाॅट्सएप ग्रुप पर वायरल करके अफवाह फैलाई जा रही है। बदमाश समझकर लाेगाें से मारपीट की घटनाएं सामने आई हैं। अफसरों काे अफवाह फैलाने वाले और मारपीट करने वाले आराेपियाें के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। - बीएल साेनी, एडीजी क्राइम, पुलिस मुख्यालय

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