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बिना पोस्ट SMS मेडिकल कॉलेज में 117 सीनियर प्रोफेसर,जबकि MCI नियमों में तो यह पद ही नहीं

भास्कर ने प्रदेश के छह प्रमुख मेडिकल कॉलेजों के आंकड़े खंगाले तो सामने आया यह सच....

सुरेन्द्र स्वामी | Last Modified - May 02, 2018, 06:04 AM IST

बिना पोस्ट SMS मेडिकल कॉलेज में 117 सीनियर प्रोफेसर,जबकि MCI नियमों में तो यह पद ही नहीं

जयपुर. एक तरफ सरकार ने मेडिकल कॉलेजों में सीनियर फैकल्टी की कमी दूर करने के नाम पर डॉक्टरों की सेवानिवृत्ति की आयु 62 साल से बढ़ाकर 65 वर्ष की है, वहीं हकीकत यह है कि अकेले जयपुर के एसएमएस मेडिकल कॉलेज में ही बिना स्वीकृत पोस्ट के सीनियर प्रोफेसर के पद पर 117 डॉक्टर लगे हुए हैं। इनमें अधिकतर मेडिकल शिक्षक ऐसे हैं, जो समयबद्ध पदोन्नति से इस पद पर पहुंचे हैं।

- एमसीआई के नियमानुसार, किसी भी मेडिकल कॉलेज में सीनियर प्रोफेसर का पद ही नहीं है। केवल जयपुर ही नहीं, अजमेर में 38, बीकानेर में 28 और उदयपुर के मेडिकल कॉलेज में 40 सीनियर प्रोफेसर बिना पद होते हुए लगे हुए हैं। कुल मिलाकर देखा जाए तो राज्य के छह प्रमुख मेडिकल कॉलेजों 206 सीनियर प्रोफेसर व प्रोफेसर स्वीकृत पदों से ज्यादा लगे हैं, वहीं एसोसिएट प्रोफेसर और असिस्टेंट प्रोफेसर के पद बड़ी संख्या में खाली पड़े हैं।

जयपुर में तय सीमा से ज्यादा मेडिकल शिक्षक
- हाल ही में हाईकोर्ट ने एसएमएस मेडिकल कॉलेज जयपुर में तय सीमा से ज्यादा शिक्षक होने व प्रदेश के अन्य मेडिकल कॉलेजों में शिक्षकों की कमी पर मेडिकल शिक्षा सचिव को 10 जुलाई को अदालत में उपस्थिति होने के लिए कहा है। मुख्य न्यायाधीश प्रदीप नांद्रजोग व न्यायाधीश जीआर मूलचंदानी की खंडपीठ ने यह अंतरिम निर्देश महेन्द्र गौड़ की पीआईएल पर दिया है।

- पीआईएल में कहा कि एमसीआई ने हर मेडिकल कॉलेज में 330 मेडिकल शिक्षक तय कर रखे हैं। जयपुर में तय शिक्षकों से 334 शिक्षक ज्यादा है। इनमें से 550 नियमित और 114 तदर्थ आधार पर लगा रखे हैं, जबकि झालावाड़ मेडिकल कॉलेज में 215 मेडिकल शिक्षक हैं।

बड़ा सवाल

जब बड़े मेडिकल कॉलेजों में इतनी बड़ी संख्या में सीनियर डॉक्टर सरप्लस हैं तो नए मेडिकल कॉलेजों में उन्हें भेजकर फैकल्टी की कमी दूर क्याें नहीं की जा रही।

सब कुछ नियमानुसार है। मरीजों का आउटडोर, इनडोर, जांचें व ऑपरेशन भी यहां ज्यादा होते है। समयबद्ध पदोन्नति व यूनिट ज्यादा होने से सीनियर प्रोफेसर ज्यादा हैं।

-डॉ.यू.एस.अग्रवाल, प्राचार्य, एसएमएस मेडिकल कॉलेज

राज्य सरकार के नियमों के तहत यहां डीएसीपी के तहत 40 सीनियर प्रोफेसर है।
-डॉ. डी.पी.सिंह, प्राचार्य, मेडिकल कॉलेज उदयपुर

टाइम बाउंड प्रमोशन से 4 साल प्रोफेसर के पद पर काम करने के बाद स्वतः ही सीनियर प्रोफेसर बन जाते हैं।
-डॉ.ए.एल.भट्‌ट, पूर्व प्राचार्य, एसएन मेडिकल कॉलेज जोधपुर

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Web Title: binaa post SMS medical college mein 117 siniyr professor,jbki MCI niyamon mein to yh pd hi nahi
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)
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