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सीबीआई कोर्ट में अचानक पहुंचा सोहराबुद्दीन का भाई, कहा- मैं मुख्य गवाह हूं, मुझे बुलाया नहीं

वकीलों के एक दल के साथ पहुंचे और कोर्ट को एक एप्लीकेशन देकर शाहनवाजुद्दीन ने गवाह बनने की इच्छा जाहिर की।

Dainik Bhaskar

May 11, 2018, 09:08 AM IST
कोर्ट में चली बहस के बाद न्याय कोर्ट में चली बहस के बाद न्याय

उदयपुर. सोहराबुद्दीन-तुलसी एनकाउंटर केस में गुरुवार को मुम्बई की सीबीआई स्पेशल कोर्ट में चल रही ट्रायल के दौरान अचानक सोहराबुद्दीन के भाई शाहनवाजुद्दीन वकीलों के एक दल के साथ पहुंचे और कोर्ट को एक एप्लीकेशन देकर शाहनवाजुद्दीन ने गवाह बनने की इच्छा जाहिर की। इसके साथ सीबीआई पर आरोप लगाया कि महत्वपूर्ण गवाह होने के बावजूद सीबीआई ने उसे गवाह सूची में शामिल नहीं किया है। कोर्ट में चली बहस के बाद न्यायाधीश ने शाहनवाजुद्दीन की ओर से दी एप्लीकेशन स्वीकार कर ली है और इस पर सीबीआई से जवाब मांगा है।

खुद की जान को भी बताया खतरा

- शाहनवाजुद्दीन ने कोर्ट को बताया कि अभय चूडाश्मा ने तुलसी को यह कहकर विश्वास में लिया था कि सोहराबुद्दीन की गिरफ्तारी को लेकर बहुत ज्यादा पॉलीटिकल प्रेशर है। ऐसे में गिरफ्तार करना जरूरी है। तुलसी ने उस समय खुद की जान को खतरा बताते हुए यह भी कहा था कि सोहराबुद्दीन और कौसर बी के अपहरण का वह चश्मदीद गवाह है, ऐसे में उसकी हत्या भी हो सकती है।

- शाहनवाजुद्दीन ने कोर्ट में कहा कि तुलसी ने उसे गुजरात बीजेपी नेता, राजस्थान के बीजेपी नेता और पुलिस अधिकारियों के नाम भी बताए थे, जो सोहराबुद्दीन एनकाउंटर से जुड़े हुए थे। लेकिन उसने एप्लीकेशन में गुजरात के बीजेपी नेता का नाम नहीं लिखा है, क्योंकि नाम लेने से उसे भी खतरा हो जाएगा।

ऐसे चला पूरा घटनाक्रम

- कोर्ट में तत्कालीन सूरजपोल निरीक्षक डीएसपी जसवंत सिंह के बयान चल रहे थे। शाहनवाजुद्दीन वकीलों के दल के साथ काेर्ट रूम पहुंचे। जसवंत सिंह के बयान के बाद शाहनवाजुद्दीन की ओर से महिला वकील ने कोर्ट में परिचय दिया और प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया।

- शाहनवाजुद्दीन ने आरोप लगाया कि सीबीआई महत्वपूर्ण गवाहों को गवाह सूची और दस्तावेजों को चार्जशीट में शामिल करने में पूरी तरह असफल साबित हुई है। सीबीआई ने उससे तुलसी के हस्ताक्षरशुदा चार खाली कागज लेकर सीज किए थे और सीजर मीनू भी बनाया था, इसके बावजूद उसे गवाह सूची में शामिल नहीं किया।

तुलसी एनकाउंटर से एक माह पहले उससे मिला था

शाहनवाजुद्दीन ने एप्लीकेशन में बताया कि तुलसी अक्टूबर 2006 में पेशी पर उज्जैन लाया गया था, तब वह तुलसी से वहां मिला था। तुलसी ने पेशी पर हुई मुलाकात के समय उससे मांफी मांगी थी कि गुजरात के पुलिस अधिकारी अभय चूडाश्मा ने उसका उपयोग किया और उसे धोखे में रखकर वे सोहराबुद्दीन तक पहुंचे थे।

आईओ ने कहा- परिवाद में क्या लिखा था, पता नहीं

कोर्ट में तत्कालीन सूरजपोल निरीक्षक डीएसपी जसवंत सिंह के बयान हुए। एडि. एसपी कार्यालय के जरिए आए तुलसी के परिवाद पर जसवंत ने कहा परिवाद आया था और मैंने वह संबंधित बीट एसआई सवाई सिंह को दे दिया था। परिवाद में क्या लिखा था, उन्हें नहीं पता है और उस समय एडि. एसपी कौन थे यह भी याद नहीं है।

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