महाराष्ट्र / कांग्रेस ने विधायक दल का नेता चुनने का फैसला सोनिया गांधी पर छोड़ा, पार्टी शिवसेना के साथ नहीं जाएगी



कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी। कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी।
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कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी।कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी।

  • कांग्रेस विधायक दल की बैठक में हुआ फैसला, पर्यवेक्षक की उपस्थिति में होना था नेता का चुनाव
  • महाराष्ट्र के कांग्रेस विधायकों को राजस्थान के रिसोर्ट में ठहराया गया है

Dainik Bhaskar

Nov 10, 2019, 06:10 PM IST

जयपुर. महाराष्ट्र कांग्रेस ने विधायक दल का नेता चुनने का फैसला कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी पर छोड़ दिया है। साथ ही पार्टी ने तय है कि सरकार बनाने के लिए वह शिवसेना के साथ नहीं जाएगी। जयपुर में रविवार को हुई महाराष्ट्र कांग्रेस विधायक दल की बैठक में यह फैसला लिया गया। बैठक में एक लाइन का प्रस्ताव पारित किया गया, जिसमें तय किया गया कि कांग्रेस का एनसीपी के साथ गठबंधन जारी रहेगा। 

 

राजस्थान, महाराष्ट्र कांग्रेस की राजनीति का केंद्र बना हुआ है। हॉर्स ट्रेडिंग के डर से कांग्रेस के 40 विधायकों ने जयपुर में डेरा डाला हुआ है। विधायकों को यहां एक रिसोर्ट में ठहराया गया है। शनिवार को महाराष्ट्र कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी मल्लिकार्जुन खडगे, पूर्व सीएम पृथ्वीराज चव्हाण, पीसीसी चीफ बाला साहेब थोराठ सहित अन्य नेता भी यहां पहुंचे। राज्य सरकार ने खडगे को स्टेट गेस्ट का दर्जा दिया है। बैठक से पहले कांग्रेस के नेता उप मुख्य सचेतक महेश जोशी, आरसीए अध्यक्ष वैभव गहलोत और मंत्री रघु शर्मा आमेर के ब्यूना विस्टा रिसोर्ट पहुंचे। इससे पहले शनिवार को सीएम अशोक गहलोत, प्रदेश प्रभारी अविनाश पांडे सहित अन्य नेता भी रिसोर्ट पहुंचे थे।

 

महाराष्ट्र के विधायकों से कांग्रेस नेताओं ने की मुलाकात

प्रदेश कांग्रेस के नेता शनिवार को दिनभर महाराष्ट्र के विधायकों से मिलने पहुंचते रहे। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत दूसरे दिन भी विधायकों से मिलने के लिए रिजार्ट पहुंचे। इस दौरान प्रदेश प्रभारी अविनाश पांडे, कृषि मंत्री लाल चंद कटारिया, मुख्य सचेतक महेश जोशी सहित अन्य नेता भी मौजूद रहे। यह विधायक अगले कुछ दिनों तक जयपुर में ही मौजूद रह सकते है। विधायकों को अलग-अलग ग्रुप में शहर का भ्रमण भी कराया गया। विधायकों के मोबाइल फोन भी चालू हैं। कांग्रेस विधायक नाना पटोले ने रिजार्ट से बाहर निकलते ही महाराष्ट्र के राज्यपाल के कामकाज पर सवाल उठाए।

 

यह बोले नेता 

  • मैं तो राजस्थान घूमने आया हूं। विधायकों को लेकर कोई भी फैसला आलाकमान को करना हैं। - मल्लिकार्जुन खडगे, कांग्रेस नेता और प्रदेश प्रभारी
  • कांग्रेस के विधायकों को एजेंसियों के मदद से डराने धमकाने का काम किया जा रहा था। - अविनाश पांडे, प्रदेश प्रभारी कांग्रेस
  • महाराष्ट्र में भाजपा की सहयोगी शिवसेना के विधायक ही सुरक्षित नहीं है। जनता को सब दिख रहा है। - अशोक गहलोत, मुख्यमंत्री राजस्थान

विधानसभा की 288 सीटों पर 21 अक्टूबर को हुए चुनाव में भाजपा को 105 सीटें मिलीं थीं। बहुमत के लिए 145 सीटों की जरूरत है। भाजपा की सहयोगी शिवसेना को 56 सीटें मिली थीं। इससे पहले शिवसेना ने दावा किया था कि लोकसभा चुनावों से पहले दोनों गठबंधन सहयोगियों ने अगले कार्यकाल में ढाई-ढाई साल के लिए मुख्यमंत्री पद की साझेदारी का फैसला किया था। वहीं फडणवीस ने जोर देकर कहा था कि "मेरी मौजूदगी में' दोनों दलों द्वारा मुख्यमंत्री पद की साझेदारी को लेकर कोई समझौता नहीं किया गया था। इस बीच शिवसेना ने अपने विधायकों को खरीद-फरोख्‍त से बचाने के लिए 15 नवंबर तक उन्हें बांद्रा के रंगशारदा होटल से माध आइलैंड के किसी रिजॉर्ट में शिफ्ट कर दिया है।

 

महाराष्ट्र में किसके पास, कितनी सीटें

पार्टी सीट
भाजपा 105
शिवसेना 56
राकांपा 54
कांग्रेस 44
बहुजन विकास अघाड़ी 3
एआईएमआईएम 2
निर्दलीय और अन्य दल 24
कुल सीट 288

 

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