जयपुर एयरपोर्ट / निजीकरण से टी-3 का काम अटका, जुलाई से ही शुरू होना था



T-3's work stops privatization of Jaipur Airport
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T-3's work stops privatization of Jaipur Airport

  • अडानी द्वारा संचालन अपने हाथ में लेने के बाद शुरू होगा निर्माण

Dainik Bhaskar

Jul 14, 2019, 01:49 AM IST

जयपुर. जयपुर एयरपोर्ट का नया टर्मिनल अभी नहीं बनेगा। क्योंकि निजीकरण की प्रक्रिया शुरू होने के बाद इसे टाल दिया गया है। ऐसे में अब जब निजी कंपनी अडानी एंटरप्राइजेज एयरपोर्ट का संचालन अपने हाथों में ले लेगी, तभी इसका निर्माण कार्य होगा।


जयपुर एयरपोर्ट के विस्तार का जो कार्य वर्ष 2011 से अटका था, वो पिछले साल अप्रैल में स्वीकृत हो गया था। एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के दिल्ली मुख्यालय ने जयपुर एयरपोर्ट के विस्तार कार्य का जिम्मा जर्मनी की कंपनी डॉर्श कंसल्ट इंडिया प्राइवेट लिमिटेड को दिया था। निजी कंपनी ने विस्तार की डिजाइन भी तय कर ली थी। एयरपोर्ट अथॉरिटी की सहमति के बाद फील्ड वर्क शुरू करने जा रही थी। जुलाई 2019 से धरातल पर काम शुरू होना था। लेकिन इस बीच निजीकरण की प्रक्रिया ने इसे अटका दिया है।

 

सहूलियत...टी-2 से 7 गुना बड़ा होगा टी-3

  • एयरपोर्ट अथॉरिटी ने टी-3 के लिए करीब 1400 करोड़ रु. का बजट तय किया था। नया टर्मिनल 1.25 हजार वर्गमीटर क्षेत्र में बनाया जाना है। यानी मौजूदा बिल्डिंग टर्मिनल-2 से 7 गुना बड़ा होगा।
  • 31 जुलाई तक एयरपोर्ट संचालन निजी कंपनी अडानी को सौंपा जाना है, ऐसे में प्रशासन अब केवल टर्मिनल-2 की बिल्डिंग का विस्तार और टर्मिनल-1 का रिनोवेशन करवा रहा है। इस पर करीब 70 करोड़ खर्च हो रहे हैं।

 

ये है योजना... नए टर्मिनल में 2 बिल्डिंग बनाई जाएंगी

नए टर्मिनल के तहत दो नई बिल्डिंग बनाना प्रस्तावित है। जो कि मौजूदा टर्मिनल बिल्डिंग के दोनों तरफ बनाई जानी हैं। इसमें जगतपुरा वाले हिस्से की तरफ से डोमेस्टिक यात्रियों का डिपार्चर और टोंक रोड वाले हिस्से से अराइवल होता।

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