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निगम में सफाई समितियों के तत्कालीन चेयरमैनों काे एसीबी की क्लीनचिट

जयपुर नगर निगम में पौने तीन साल पहले सफाई को लेकर भ्रष्टाचार का ऑडियो वायरल होने के बाद हटाए गए तत्कालीन सफाई...

Danik Bhaskar | Sep 12, 2018, 04:06 AM IST
जयपुर नगर निगम में पौने तीन साल पहले सफाई को लेकर भ्रष्टाचार का ऑडियो वायरल होने के बाद हटाए गए तत्कालीन सफाई समितियों के तीनों चेयरमैनों को एसीबी की जांच में क्लीन चिट मिल गई है। एसीबी ने तीनों के खिलाफ चल रही जांच को बंद करने का निर्णय लिया है। तीनों के खिलाफ 21 दिसंबर 2015 को कांग्रेस के पार्षदों ने एसीबी में परिवाद दर्ज करवाया हुआ था। एसीबी ने ढाई साल तक मामले की जांच की। जांच में एसीबी को दलाली को लेकर कोई ठोस सबूत नहीं मिले।

डेढ़ माह से छुपाए रखी क्लीन चिट की बात

एसीबी ने 18 जुलाई 2018 को ही तीनों के खिलाफ चल रहे मामलों को नस्तीबद्ध कर दिया था। इसकी सूचना एसीबी ने निगम प्रशासन को दे दी थी, लेकिन निगम ने यह जानकारी इसलिए छुपाए रखी कि कहीं क्लीन चिट मिलने के बाद यह तीनों ही पार्षद निगम समितियों में अपना अधिकार नहीं जता दे। पार्षद प्रकाश चंद गुप्ता को जब इसकी भनक लगी तो उन्होंने इसी माह 5 सितंबर को एसीबी से आरटीआई के तहत इस मामले की जानकारी मांगी। तब जाकर पता चला कि एसीबी को मामले में कोई ठोस सबूत नहीं मिले इसके बाद मामले को बंद कर दिया गया। गौरतलब है कि नगर निगम के कई मामले एसीबी में चल रहे है, जिनकी सालों से तफ्तीश नहीं हुई। हाल ही में एसीबी ने निगम से बिजली व उद्यान शाखा में अनियमितताओं की फाइलें भी जब्त की थी।

ये था मामला

जयपुर नगर निगम में पहली बार सफाई समिति के तीन चेयरमैन बनाए गए थे। चेयरमैन प्रकाश चंद गुप्ता और अनिल शर्मा का 17 दिसंबर 2015 को ऑडियो वायरल हुआ था। जिसमें आरोप लगाए गए थे कि तत्कालीन चेयरमैन आपस में सफाई का जिम्मा संभालने वाली कंपनी को लेकर लेन देन की बात कर रहे थे। बातचीत में दिनेश अमन का भी नाम लिया था। इस पर तीनों पर दलाली का आरोप लगने के बाद 20 दिसंबर को भाजपा आलाकमान ने इनसे इस्तीफा ले लिया था। चेयरमैन इस ऑडियो को गलत तरीके से पेश करने दावा करते हुए हुए खुद को निर्दोष बता रहे थे।