--Advertisement--

वर्ड ऑफ द डे / हर नेता-कार्यकर्ता चुनावी वायरस की चपेट में, इलाज जनता ही करेगी



The two virus in rajasthan politics
X
The two virus in rajasthan politics

  • दो वायरस से आम से खास तक परेशान 

Dainik Bhaskar

Oct 16, 2018, 08:35 PM IST

जयपुर। वायरस शब्द ही बड़ा खतरनाक है। सुनते ही रौंगटे खड़े हो जाते हैं। बीमारियों से लेकर कम्प्यूटर तक के, वायरस भी कई तरह के होते हैं। जब ये फैलते हैं तो अफरा-तफरी मचा देते हैं। इनका तोड़ निकालना किसी ऐरे-गैरे के बस का खेल नहीं है। बडे धुरंधर एक्सपर्टों के काबू में आते हैं ये। राजस्थान की हालत इस वक्त कुछ ऐसी ही है।

 

दो वायरसों ने इन दिनों आम से लेकर खास तक की नींद उड़ा रखी है। पहला है जीका वायरस। आम आदमी इससे खौफजदा है तो अब यह वायरस सरकार के काबू से बाहर हो चुका है। दूसरा वायरस तो इससे भी तगड़ा है, जिससे निपटना बड़े-बड़ों के बस का नहीं। इसको तो दो महीने बाद जनता ही निपटाएगी। यह है चुनावी वायरस। हर दल के बड़े नेताओं से लेकर छोटे कार्यकर्ता तक इसकी चपेट में आए हुए हैं। किसी को सीट जाने का खतरा है तो किसी को टिकट कटने का भय।

 

... तो कोई दुबला हो रहा है
 

कोई चुनाव में अपना धंधा चमकाने के लिए हाथ-पैर मार रहा है तो कोई चुनाव के बाद की बेकारी की आशंका में दुबला हो रहा है। सब शोले के एक ही डायलॉग से ग्रसित हैं- अब तेरा क्या होगा? अब जीका का तोड तो देर-सवेर डब्ल्यूएचओ लाए लेकिन चुनावी वायरस का तोड़ तो भाई दिसंबर में जनता ही निकालेगी। 

Bhaskar Whatsapp

Recommended

Click to listen..