राजस्थान / खारे पानी की सबसे बड़ी सांभर झील में महामारी से हजारों देशी-विदेशी पक्षी मृत



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  • वन कर्मचारियों ने झील से कई घायल पक्षियों को निकालकर उपचार करवाया, पीड़ितों में विभिन्न प्रजातियों के पक्षी शामिल
  • मेडिकल टीम बुलवाई गई, मृत पक्षियों के जांच सैंपल लुधियाना और भोपाल लैब में भिजवाए गए
  • 4-5 दिन में जांच रिपोर्ट आएगी, इसके बाद ही पक्षियों की मौत के कारणों का खुलासा हो पाएगा

Dainik Bhaskar

Nov 12, 2019, 06:44 PM IST

जयपुर. राज्य की खारे पानी की सबसे बड़ी सांभर झील में देशी-विदेशी हजारों पक्षी मृत मिले। इसकी सूचना मिलते ही प्रशासनिक, वनविभाग और एनजीओ के लोग मौके पर पहुंचे। जयपुर से मेडिकल टीम बुलवाकर मृत पक्षियों के सैंपल लुधियाना और भोपाल लैबाें में भिजवाए गए हैं। जांच रिपोर्ट 4-5 दिन में आएगी। इसके बाद ही पक्षियों की मौत के कारणाें का खुलासा हो पाएगा।


रिपोर्ट के मुताबिक, झील क्षेत्र में 15 प्रजातियों के करीब 1000 पक्षी मृत पड़े थे। कई पक्षियों की हालत ऐसी थी कि वो अपने दम पर उठ भी नहीं पा रहे थे। वन कर्मचारियों ने झील क्षेत्र से घायल पक्षियों को इलाज के लिए किनारे पर लेकर आए।

 

पक्षियों की मौत सिलसिला 15 दिन से जारी था 
वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि पक्षियों की मौत का मामला 10-15 दिन पुराना प्रतीत हो रहा है। जांच के बाद ही पक्षियों की मौत के कारणों के बारे में स्पष्ट कहा जा सकता है। मृत पक्षियों में मुख्यत: रिंगू फ्लेवर, केंटिस फ्लेवर, टिनिप फ्लेवर, ब्लेक टेल स्टिल्ट, ग्रीन स्टइंट, गार्गने, कॉमन कूट, लेसर विजसलिग, रफ, नॉर्दन सर्वलर, पलास गर्ल, कैस्पियन गल, पाइड इवोसेट प्रजाति के पक्षी शामिल हैं।

 

मामले को गंभीरता से लिया जा रहा है। स्थान विशेष पर पानी में कुछ ऐसा पदार्थ हो सकता है, जिससे इन पक्षियों की मौत हो गई अथवा किसी पक्षी में बर्ड फ्लू जैसी बीमारी हो सकती है, जो इन पक्षियों के संपर्क में आने से फैल रही हो। मौके पर जांच टीम ने पानी के भी सैंपल लिए हैं।

-संजय कौशिक, एसीएफ, दूदू

सांभर झील में पक्षियों की मौत के मामले में बर्ड फ्लू जैसा अभी कोई लक्षण नजर नहीं आया है। इस मामले की जांच की जा रही है। एसडीडीसी पॉलीक्लिनिक जयपुर की टीम मौके पर पहुंची और पक्षियों के सैंपल लिए हैं। इन सैंपलों को लुधियाना और भोपाल लैब में जांच के लिए भेजा गया है, जिनकी रिपोर्ट 4-5 दिन में आएगी। रिपोर्ट के बाद पक्षियों की मौत का कारण स्पष्ट होगा। पक्षियों को बचाने के लिए सभी उचित कदम उठाए जाएंगे।

-डॉ. अशोक राव, वेटनरी चिकित्सक

सर्दियों में आते हैं विदेशी पक्षी

साइबेरिया के अलावा विभिन्न ठंडे देशों में पानी जम जाने के कारण वहां के पंछी भारत आते हैं। सर्दियों के मौसम में भारत की विभिन्न नदियों और जलाशयों में यह अठखेलियां करते देख जाते हैं। शीत ऋतु समाप्त होते ही ये पक्षी अपने देशों को चले जाते हैं। 

 

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