राजस्थान / टाइगर के हमले में गई युवक की जान, बहादुर मां के मुकाबला करने पर भागा



पिंटू के शव के पास विलाप करते परिवार के लोग। पिंटू के शव के पास विलाप करते परिवार के लोग।
Tiger kills man in karauli district
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पिंटू के शव के पास विलाप करते परिवार के लोग।पिंटू के शव के पास विलाप करते परिवार के लोग।
Tiger kills man in karauli district

  • ग्रामीणों ने एसीएफ का किया घेराव, जिला प्रमुख की समझाईश से मामला हुआ शांत
  • परिवार को 5 लाख रुपए की सहायता, टाइगर टी-104 की हुई पुष्टि 

Dainik Bhaskar

Sep 12, 2019, 06:12 PM IST

सपोटरा (करौली)। ग्रामीण उपखंड की ग्राम पंचायत कालागुड़ा के गांव सिमिर बाग में गुरुवार को टाइगर टी-104 ने घर के आंगन में चारपाई पर बैठे 26 वर्षीय युवक पर पीछे से हमला कर दिया। टाइगर युवक को घसीटते हुए रतालू के खेत में ले गया, लेकिन परिजनों व ग्रामीणों के लामबंद होने पर टाइगर युवक को मृत हालत में छोड़कर बाजरे के खेतों में दुबक गया। पास में ही कैलादेवी व रणथंभोर वन्यजीव अभयारण्य क्षेत्र है। टाइगर पिछले पांच दिन से आबादी व जंगल क्षेत्र में विचरण कर रहा था।

 

वन विभाग के एसीएफ के पहुंचने पर ग्रामीणों ने उनका घेराव करते हुए आक्रोश व्यक्त किया। जिला प्रमुख अभय कुमार व एडीएम सुरेश कुमार की समझाईश से मामला शांत कराया गया। मृतक का सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र हाड़ौती में पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया।

 

ग्रामीण राजेन्द्र सिंह, कमल, जीतराम माली, भंवर सिंह, जतीराम आदि ने घटना के बारे में बताया। पिंटू पुत्र रामसहाय माली सिमिर के आरामपुरा स्थित घर से दूध लेकर अपने खेतों के माली का छरा स्थित छप्परपोश मकान में पहुंचा। वह अपंग पिता व मानसिक रूप से कमजोर मां को दूध देकर आंगन में चारपाई पर बैठा था।

 

तभी टाइगर टी-104 ने पीछे से पिंटू पर हमला कर दिया। सिर व गर्दन को दबोच लिया तथा पिंटू को घसीटते हुए रतालू के खेत में ले गया। युवक की मां ने हिम्मत दिखाते हुए दरांती टाइगर पर फेंककर मारी तथा जोर-जोर से चिल्लाने लगी।

उसकी आवाज सुनकर आरामपुरा टीले के ग्रामीण लामबंद होकर घटनास्थल पर पहुंच गए। शोर-शराबा सुनकर टाइगर युवक को छोड़कर बाजरे के खेत में दुबक गया। टाइगर के इर्दगिर्द होने के बावजूद ग्रामीण प्रहलाद, हेमराज, गोपाल ने हौंसला दिखाते हुए मृतक पिंटू माली को उठाकर आरामपुरा के टीले पर ले आए।

 

फिर भी शिकार का प्रयास

 

सिमिर बाग के पिंटू माली का शिकार करने के बाद टाइगर टी-104 ने 150 मीटर दूर खेतों में काम कर रहे रामधन माली पर भी हमले का प्रयास किया, लेकिन रामधन ने बहादुरी के साथ चिल्लाकर व कुल्हाड़ी लहराकर जान बचाई।
इसके बाद टाइगर खुट्टी के कोने पर खेतों से निकला। वहां काम कर रहे रामकेश व गोरधन पुत्र स्वरूप माली ने खेत में दुबक कर जान बचाई।

 

टाइगर के हमले की खबर फैलते ही आस-पास ग्रामीण दहशत में आ गए। सिमिर, बाग, फतेहपुर ,मेदपुरा, रूंडी की गुआड़ी, खोह, मांसाहारी, लंगेह, स्वराजपुरा, गोरेहार आदि गांवों में टाइगर के हमले की घटना सुनकर खेतों पर रखवाली कर रहे किसान वहां से भाग छूटे। वहीं पशुपालक अपने पशुओं के साथ वापिस घर लौट गए। आलम यह है कि करीब आधा दर्जन गांव टाइगर की उपस्थिति से दहशत में है।

 

एसीएफ का घेराव, टीम भाग छूटी


कैलादेवी वन्यजीव अभयारण्य द्वारा ग्राम पंचायत कालागुड़ा के गांव खोह में घटनास्थल से एक किमी दूर वन चौकी है। टाइगर टी-104 के कैलादेवी वन्यजीव अभयारण्य में विचरण करने की जानकारी होने पर वनकर्मी मंजीत सिंह सोलंकी, रामलाल गुर्जर, हरिमोहन गुर्जर ट्रंकुलाइज कर रहे थे। युवर पर हमले से पहले खोह कांकर की नदी में गोपाल माली ने टाइगर होने की वनकर्मियों को जानकारी दी। दूसरी ओर फतेहपुर के जंगलों में पांच दिन से टी-104 के विचरण करने तथा एक रोजड़े व गाय का शिकार करने की जानकारी ग्रामीणों द्वारा अभयारण्य के अधिकारियों को दी गई थी। इसके बावजूद अभयारण्य के अधिकारियों व वनकर्मियों ने करीब आधा दर्जन गांवों में अलर्ट नहीं किया। 

 

जिला प्रमुख व एडीएम ने की समझाईश

 

सिमिर बाग के युवक का टाइगर द्वारा शिकार करने से आक्रोशित ग्रामीण मृतक की पत्नी को सरकारी नौकरी देने तथा परिजनों को आर्थिक सहायता दिलाने की मांग पर अड़ गए। घटना की सूचना मिलने पर पहुंचे जिला प्रमुख अभय कुमार मीणा, अतिरिक्त जिला कलेक्टर सुरेश कुमार, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रविन्द्र सिंह तथा डीएफओ हेमंत शेखावत ने आक्रोशित ग्रामीणों को समझाया।

 

उन्होंने टाइगर टी-104 के आदमखोर होने के कारण ट्रंकुलाइज कर सवाई माधोपुर छोड़ने के विपरीत राज्य सरकार से अन्यत्र भेजने की सिफारिश करने तथा मृतक के परिजनों को पांच लाख रुपए देने की घोषणा की। तत्पश्चात मृतक का सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र हाड़ौती में पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों के सुपुर्द किया गया। इस दौरान पूर्व सरपंच कीर्तनचंद पाल, विकास अधिकारी राजेन्द्र सिंह, एसडीएम मंडरायल, तहसीलदार सपोटरा, कानूनगो विष्णुदत्त शर्मा, चंद्रप्रकाश सिंहल, लखन गोरेहार, राजेन्द्र,मानसिंह मीणा, हंसराज मीणा आदि उपस्थित थे।

 

सिमिर बाग गांव में गमगीन माहौल

 

पिंटू परिवार में तीन भाइयों में सबसे बड़ा था। वह परिवार के भरण-पोषण तथा अपंग पिता व मानसिक कमजोर मां की देखभाल करने के साथ एमएससी की परीक्षा की तैयारी भी कर रहा था। मृतक के ढ़ाई साल की लड़की व एक साल का पुत्र है। मृतक के दोनों भाई भी अध्ययन के साथ जयपुर में मजदूरी कर रहे थे। जिसके कारण परिवार के भरण पोषण का संकट उत्पन्न हो गया है।

 

न्यूज व फोटो - वीडियो सुनील पाराशर
 

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