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स्टूडेंट 3 नहीं 6 माह की गर्भवती, कोर्ट की इजाजत से होगा गर्भपात

कानूनी उलझन गर्भपात और प्रसव कराने में बच्ची को जान का खतरा हो सकता है, पुलिस की मुश्किलें बढ़ी

Bhaskar News | Last Modified - May 02, 2018, 05:52 AM IST

स्टूडेंट 3 नहीं 6 माह की गर्भवती, कोर्ट की इजाजत से होगा गर्भपात

टोंक/देवली. सामूहिक दुष्कर्म के तीनों आरोपियों को मंगलवार को गिरफ्तार कर लिया। देवली मजिस्ट्रेट के समक्ष पीड़िता के भी बयान दर्ज करवा दिए। मामला 28 अप्रैल का है। पीड़िता ने थाने में उपस्थित होकर गांव के ही तीनों के खिलाफ सामूहिक दुष्कर्म की रिपोर्ट दर्ज करवाई थी।

- रिपोर्ट के मुताबिक तीन चार माह पहले आरोपितों ने उसके साथ दुष्कर्म किया था। मेडिकल जांच रिपोर्ट में नया मोड़ आ गया है। छात्रा छह माह की गर्भवती है। ऐसे सवाल यह खड़ा हो गया कि क्या छात्रा का गर्भपात कराया जाएगा। इस पर पुलिस का कहना है कि गर्भपात के लिए वो कोर्ट से इजाजत लेगी। गौरतलब है कि छह माह का गर्भपात करवाना कानूनी रूप से अपराध है।


- जांच अधिकारी डीएसपी नरेद्र मोहन शर्मा ने बताया कि आरोपित युवक प्रेम, सुरेंद्र व सेठी को गिरफ्तार कर लिया है।

कोर्ट के निर्णय पर होगा बच्चे का फैसला : पुलिस
- जांच अधिकारी डीएसपी नरेंद्र मोहन शर्मा ने बताया कि पीड़िता के गर्भ में छह माह का शिशु होने की पुष्टि मेडिकल रिपोर्ट में हुई। ऐसे में बच्चे के जन्म या गर्भपात कराने का निर्णय कोर्ट के आदेश पर तय होगा।

20 सप्ताह से अधिक का गर्भपात नहीं कर सकते
- स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. ज्ञानेंद्र बंसल ने बताया कि छह माह की गर्भवती का गर्भपात नहीं हो सकता। गर्भपात करने पर कानूनी कार्रवाई होगी।

सुप्रीम कोर्ट ने भी नहीं दी थी प्रसव की इजाजत
- एडवोकेट महावीर तोगडा ने बताया कि पिछले निर्णयों को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट में रेप की शिकार 21 सप्ताह की गर्भवती को गर्भपात कराने की स्वीकृति नहीं दी थी।

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