जयपुर / बच्चों का यौन शोषण करने वाला व्यक्ति जानवर से भी बदतर,ऐसे मामलों में त्वरित जांच कर पुख्ता सबूत जुटाए



कार्यशाला को संबोधित करते एसीएस होम राजीव स्वरुप कार्यशाला को संबोधित करते एसीएस होम राजीव स्वरुप
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कार्यशाला को संबोधित करते एसीएस होम राजीव स्वरुपकार्यशाला को संबोधित करते एसीएस होम राजीव स्वरुप

  • अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह) राजीव स्वरूप ने आरपीए में कार्यशाला के समापन पर कही बात

Jun 06, 2019, 07:17 PM IST

जयपुर. प्रदेश के अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह) राजीव स्वरूप ने गुरुवार को कहा कि बच्चों का यौन शोषण करने वाला व्यक्ति जानवर से भी बदतर होता हैं। उन्होंने बच्चों के यौन शोषण के मामलों में अनुसंधान अधिकारियों द्वारा त्वरित कार्रवाई कर पीड़ित बच्चों को सुरक्षा प्रदान करने तथा आरोपियों को कठोर सजा दिलाने हेतु पुख्ता सबूत जुटाने की आवश्यकता जताई।

आरपीए में बाल यौन शोषण विषय पर आयोजित चार दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का हुआ समापन

  1. एसीएस होम राजीव स्वरूप ने गुरुवार को आरपीए में बाल यौन शोषण विषय पर आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम के समापन सत्र को मुख्य अतिथि के रूप में सम्बोधित के दौरान कही। उन्होंने इंटरनेट के माध्यम से होने वाले बाल यौन शोषण की बढ़ती घटनाओं पर गहरी चिंता जताते हुए प्रतिभागियों से इस विषय पर लगातार काम करने का आग्रह किया।

  2. समापन सत्र में सरदार पटेल पुलिस यूनिवर्सिटी, राजस्थान के उप कुलपति एवं महानिदेशक जेल एन.आर.के. रेड्डी एवं राजस्थान पुलिस अकादमी, जयपुर के निदेशक हेमंत प्रियदर्शी ने बच्चों के सर्वोत्तम हित में इंटरनेट के माध्यम से होने वाले बाल यौन शोषण की समाप्ति के लिएअंतरराष्ट्रीय,राष्ट्रीय,सरकारी एवं गैर-सरकारी संस्थाओं के संगठित प्रयासों पर बल दिया। 

     

  3. एडीजी हेमंत प्रियदर्शी ने बताया कि इंटरनेट के माध्यम से होने वाले बाल यौन शोषण विषय पर राजस्थान पुलिस अकादमी में आयोजित चार दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के चौथे और अंतिम दिन चार सत्रों का आयोजन किया गया। पहले सत्र में कनाडा के पुलिस अधिकारी आरनाल्ड ने पीड़ित की पहचान (विक्टिम आईडेंटीफिकेशन) विषय पर तकनीकी प्रशिक्षण दिया।

  4. दूसरे सत्र में जोर्डन नेशनल पुलिस के जेरिस समावी तथा तीसरे सत्र में सी.बी.आई. के संयुक्त निदेशक ए.साई. मनोहर ने इंटरपोल के डाटाबेस, तकनीक, संरचना और उनकी कार्यप्रणाली को उदाहरणों के माध्यम से प्रतिभागियों के सामने रखा। इसी तरह, चौथे एवं अंतिम सत्र में केरल पुलिस टीम ने इंटरनेट के माध्यम से होने वाले बाल यौन शोषण विषय पर पिछले कई वर्षों से किए जा रहे उनकी साइबर सेल के प्रयासो को सभी प्रतिभागियों के साथ साझा किया।

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