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जलदाय विभाग / पहले महिला जेईएन से बदतमीजी पर एक्सईएन हो गए थे एपीओ, अब ठेकेदार के दबाव में हो गया राजीनामा



Two different type of actions in same cases
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Two different type of actions in same cases
  • सवालों में विभाग की कार्यप्रणाली, एक ही तरह के दो मामलों में दो तरह की कार्रवाई
     

Dainik Bhaskar

Nov 10, 2018, 02:57 PM IST

जयपुर। जलदाय विभाग के वैशालीनगर में महिला जेईएन से बदतमीजी के आरोप पर चाहे तत्कालीन एक्सईएन मुकेश गोयल को एपीओ कर दिया गया हो, लेकिन बस्सी में महिला जेईएन की ओर से ठेकेदार के खिलाफ पुलिस थाने में शिकायत के बावजूद इंजीनियर मामले में राजीनामा करवाने में लगे रहे। 

आरोपी के खिलाफ नहीं हुई कार्रवाई

  1. चीफ इंजीनियर (हैडक्वार्टर) व स्थानीय एक्सईएन को भी मामले की जानकारी थी। इसके बावजूद आरोपी ठेकेदार पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। हालांकि, विभाग के प्रमुख सचिव रजतकुमार मिश्र ने जांच के निर्देश दिए हैं। वहीं चीफ इंजीनियर दिनेश सैनी का कहना है कि एईएन व एक्सईएन ने मामले की जानकारी नहीं दी। जेईएन ने पहले शिकायत दी और फिर शिकायत वापस ले ली। पूरे मामले को दिखवाया जा रहा है।

  2. केस-एक :

    वैशालीनगर सबडिवीजन में जनवरी 2016 में महिला जेईएन ने कर्मचारी के बेटे के खिलाफ अभद्रता करने का वैशालीनगर पुलिस थाने में केस दर्ज कराया। मामले में इंजीनियर यूनियनों ने विरोध जताया। लापरवाही बरतने पर तत्कालीन एक्सईएन मुकेश गोयल को एपीओ कर दिया गया।

     

  3. केस -2 :

    बस्सी सबडिवीजन की महिला जेईएन रेणु वर्मा ने 2 नवंबर को बस्सी पुलिस थाने में रिपोर्ट दी कि मैसर्स बालाजी कंस्ट्रक्शन कंपनी के ठेकेदार अशोक चौधरी बिलों पर हस्ताक्षर करने के लिए दबाव बनाने लगे। ठेकेदार ने अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया और जातिसूचक शब्द कहे। सूचना एक्सईएन राजेश पूनिया को भी दी। विभाग की ओर से अब तक किसी भी अफसर के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हो पाई है।
     

  4. ठेकेदार के दबाव में इंजीनियर यूनियन

    कर्मचारियों व आम जनता की ओर से इंजीनियरों के साथ अभद्रता करने के मामले में इंजीनियर यूनियन के पदाधिकारी आंदोलन पर उतर आने की धमकी देते रहे है, लेकिन इस मामले में एक ठेकेदार के होने के कारण दबाव में महिला जेईएन का सहयोग नहीं किया। बताया जा रहा है कि इंजीनियर यूनियन के पदाधिकारियों पर एक चीफ इंजीनियर का दबाव है।

  5. गलत शपथ पत्र की शिकायत पर नहीं हो रही कार्रवाई :

    जलदाय विभाग के एक ठेकेदार कैलाश चौधरी ने शिकायत की थी कि जोबनेर व कोटपूतली पेयजल स्कीम के टेंडर में बालाजी कंस्ट्रक्शन कंपनी ने गलत शपथ पत्र व जानकारी दी है। टेंडर में गलत बिड कैपेसिटी गलत बताई है। टेंडर लगाते समय काम की प्रोग्रेस की थी, लेकिन टेंडर में दस्तावेज व जानकारी गलत दी है। विभाग को शिकायत के बावजूद जांच व कार्रवाई नहीं कर रहा है।
     

    न्यूज : श्याम राज शर्मा

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