सवाल / दो आईपीएस को सरकार ने दिए दो दायित्व, दो दफ्तरों के बीच की दूरी 350 किलाेमीटर, कैसे होगी माॅनिटरिंग

प्रतीकात्मक फोटो। प्रतीकात्मक फोटो।
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प्रतीकात्मक फोटो।प्रतीकात्मक फोटो।

  • आखिर क्यों देना पड़ा जोधपुर में तैनात अफसरों को जयपुर पुलिस मुख्यालय के पद का चार्ज

दैनिक भास्कर

Oct 13, 2019, 01:38 AM IST

जयपुर. जरा कल्पना कीजिए किसी अफसर काे 350 किलाेमीटर की दूरी पर एक ही दिन में दाे सरकारी कार्यालयाें में सेवा देना पड़े ताे कैसे देगा, लेकिन राज्य सरकार भारतीय पुलिस सेवा के दाे सीनियर अफसराें से ऐसा ही सेवा लेने जा रही है। 


जाेधपुर के पुलिस आयुक्त प्रफुल्ल कुमार काे जयपुर में ऑपरेशन की और जाेधपुर के आईजी सचिन मित्तल काे जयपुर में रेलवे का अतिरिक्त चार्ज दिया है, जाे एक दिन में ही जयपुर से जाेधपुर की दूरी तय करके सरकार काे अपनी सेवाएं देंगे। कार्मिक विभाग की ओर से शुक्रवार को जारी आदेश पर सवाल खड़ा हो रहा। क्या जयपुर पुलिस मुख्यालय में सीनियर आईपीएस अफसरों की कमी हो गई, जिसके कारण जोधपुर में तैनात दो अफसरों को अतिरिक्त चार्ज देने के लिए बाध्य होना पड़ा या फिर कोई और कारण है?

 

कार्मिक विभाग की ओर से जारी आदेश के अनुसार जाेधपुर के पुलिस आयुक्त प्रफुल्ल कुमार काे पुलिस की ओर से चलाए जाने वाले सभी ऑपरेशनों की कमान भी संभालेंगे। पुलिस मुख्यालय में उनका कार्यालय हाेगा। वह रिपाेर्टिंग सीधे डीजीपी काे करेंगे। इसी तरह आईजी सचिन मित्तल काे भी जाेधपुर रेंज के साथ ही रेल्वेज का अतिरिक्त चार्ज दिया है। जानकारों का कहना है कि ऐसे चार्ज देने से मानिटरिंग सीधे तौर पर प्रभावित होती है।

 

भाजपा सरकार में ऐसा हुआ
भाजपा सरकार में भी एक ऐस  आदेश किया गया था। बीकानेर के तत्कालीन संभागीय आयुक्त एलएन मीणा को अजमेर संभाग का अतिरिक्त चार्ज दे दिया गया था। मामला प्रकाश में आने के चंद दिनों बाद ही भाजपा सरकार ने मीणा से बीकानेर से हटा दिया गया था। उन्हें केवल अजमेर की ही कमान दी गई थी। क्योंकि अजमेर से बीकानेर के बीच की दूरी भी 350 किलोमीटर थी।

^प्रदेश में तैनात किसी भी अफसर काे राज्य में कहीं भी अतिरिक्त चार्ज दिया जा सकता है। इसमें किसी प्रकार की काेई अड़चन नहीं है।

-राजीव स्वरूप, अतिरिक्त मुख्यसचिव गृह

 

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