जयपुर डिस्कॉम / इंजीनियर्स को 50 यूनिट से कम उपभोग वाले कनेक्शनों की विजिलेंस चैकिंग में नहीं मिल रही बिजली चोरी

Jaipur Discom News Updates: Vigilance Team On Electricity Theft [Jaipur Vidyut Vitran Nigam Ltd
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Jaipur Discom News Updates: Vigilance Team On Electricity Theft [Jaipur Vidyut Vitran Nigam Ltd

  • शहर में 8 लाख 85 हजार में से 82 हजार कनेक्शन पर होता है 50 यूनिट से कम बिजली खर्चा

दैनिक भास्कर

Nov 09, 2019, 12:13 PM IST

जयपुर। शहर में 50 यूनिट से कम बिजली उपभोग वाले कनेक्शनों की विजिलेंस चैकिंग के बावजूद इंजीनियरों को बिजली चोरी नहीं मिल रही है। शहर में जांच के दौरान 50 यूनिट से कम वाले उपभोक्ताओं के फ्लैट बंद रहते हैं तथा कई दुकानें केवल दिन में ही चलने के कारण बिजली खर्च नहीं होती है। ऐसे में इंजीनियरों की भागदौड़ बेकार जा रही है।

 

शहर में 8 लाख 85 हजार बिजली उपभोक्ता है। इसमें से 10 फीसदी यानि 82 हजार कनेक्शनों पर 50 यूनिट से कम बिजली खर्च आता है। डिस्कॉम प्रबंधन के निर्देश के बाद इंजीनियरों ने 20 हजार कनेक्शनों की जांच की, लेकिन इसमें से केवल 122 कनेक्शनों पर ही गड़बड़ी व बिजली चोरी मिली है।

 

चेयरमेन से लेकर जेईएन तक मिला टारगेट

 

ऊर्जा मंत्री ने पिछले दिनों वीडियो कान्फ्रेंस में 50 यूनिट से कम उपभोग वाले उपभोक्ताओं के मीटरों की जांच के लिए डिस्कॉम के चेयरमेन से लेकर फीडर इंचार्ज के लक्ष्य तय किए थे। जिसके अनुसार डिस्कॉम चेयरमेन हर महीने 25 मीटर, प्रबंध निदेशक व निदेशक तकनीकी 40 मीटर, संभागीय मुख्य अभियन्ता व अधीक्षण अभियन्ता 50 मीटर, अधिशासी अभियन्ता 100 मीटर, सहायक अभियन्ता 200 मीटर, कनिष्ठ अभियन्ता 300 मीटरों की जांच करेंगे।
फीडर इंचार्ज शत-प्रतिशत मीटरों की जांच करेंगे। इन चैक किए हुए मीटरों में से 10 प्रतिशत मीटरों की जांच विजिलेंस टीम को करनी होगी।

 

50 यूनिट से कम खपत पर संदेह

 

डिस्कॉम के इंजीनियरों की दलील है कि कई उपभोक्ताओं ने घर को रोशन करने के लिए बिजली कनेक्शन लिए थे। एक सामान्य उपभोक्ता के घर में बिजली खर्च 200 से 300 यूनिट प्रति माह रहता है, लेकिन कई उपभोक्ताओं का बिजली उपभोग अचानक गिर कर 50 से 100 यूनिट ही रह जाता है।

 

अब इन उपभोक्ताओं के कनेक्शन की जांच कर बिजली उपभोग कम होने के कारण देखे जाएंगे। जयपुर शहर में 9 फीसदी छीजत के बावजूद एक महीने में दो हजार लाख यूनिट यानि हर साल 700 करोड़ रुपए की बिजली चोरी या सिस्टम छीजत के कारण बर्बाद हो जाती है जबकि डिस्कॉम में 20 फीसदी से ज्यादा छीजत से करोड़ों रुपए का नुकसान हो रहा है।

 

उदय योजना में बिजली की छीजत 15 फीसदी करने का वादा था, लेकिन सिस्टम सुधार पर करोड़ रुपए खर्च करने व विजिलेंस चैकिंग के बावजूद बिजली चोरी का आंकड़ा 20 फीसदी से कम नहीं हो रहा है। ऐसे में जयपुर, जोधपुर व अजमेर डिस्कॉम की घाटा बढ़ता ही जा रही है। इस घाटे को कम करने के लिए डिस्कॉम ने घरेलू व अघरेलू उपभोक्ताओं की टैरिफ 25 फीसदी तक बढ़ाने की याचिका पिछले दिनों राजस्थान विद्युत विनियामक आयोग (आरईआरसी) में लगाई थी।

 

न्यूज : श्यामराज शर्मा
 

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