--Advertisement--

राजस्थान / चुनाव के दौरान 5 मुकदमे, 25 लोग पाबंद, 28 गाड़ियां सीज



होमगार्ड के 15 हजार और बाकी पैरामिलिट्री फोर्स के जवान थे। होमगार्ड के 15 हजार और बाकी पैरामिलिट्री फोर्स के जवान थे।
X
होमगार्ड के 15 हजार और बाकी पैरामिलिट्री फोर्स के जवान थे।होमगार्ड के 15 हजार और बाकी पैरामिलिट्री फोर्स के जवान थे।

  • छिटपुट हिंसा को छोड़ कहीं बड़ी घटना की रिपोर्ट नहीं 
  • पुलिस ने 210 स्थानों पर की थी नाकाबंदी 

Dainik Bhaskar

Dec 09, 2018, 10:40 AM IST

जयपुर. विधानसभा चुनाव में पुलिस प्रशासन की चाक-चौबंद व्यवस्था ने प्रदेश में पहली बार मतदान के दौरान कहीं भी कोई बड़ा विवाद पैदा नहीं होने दिया। इसके लिए पुलिस ने तीन स्तरीय सुरक्षा घेरा बनाया जिसके चलते हिंसा फैलाने वाले लोग बूथ तक पहुंच ही नहीं पाए।  डीजी (कानून-व्यवस्था) एनआरके रेड्डी ने बताया कि प्रदेश में शुक्रवार को समपन्न हुए विधानसभा चुनावों में शांति पूर्वक चुनाव में व्यवधान डालने के 

 

मामले में शुक्रवार को पांच मुकदमे दर्ज हुए है। इनमें सीकर में दो और जैसलमेर में तीन मामले है। इसके साथ ही 25 लोगों को व्यवधान के आरोप में मौके पर ही पाबंध किया गया और 28 गाडिय़ां सीज की गयी है। शांतिपूर्वक चुनाव के लिए पुलिस की ओर से तीन स्तरीय व्यवस्था की गयीं है।  

 

210 नाकाबंदी पार्टी : प्रदेश भर में पुलिस ने 210 नाकाबंदी पार्टी का गठन किया। डीएसपी और सीआई स्तर के अधिकारी इन पार्टी के अगुवा थे। 15 जवान चौबीस घंटे ड्यूटी पर रहते थे। 
 

1 लाख 46 हजार जवानों ने संभाला मोर्चा :  
चुनाव के दौरान राजस्थान पुलिस, स्टेट होमगार्ड, अन्य स्टेट की फोर्स और पैरामिलिट्री फोर्स के एक लाख 46 हजार जवान लगे थे। इसमें राजस्थान पुलिस के 69 हजार जवान, होमगार्ड के 15 हजार और बाकी पैरामिलिट्री फोर्स के जवान थे।

 

 

हर विधानसभा में 3 सुपरवाइजर :

हर विधानसभा के लिए तीन पुलिस सुपरवाइजर का गठन किया गया। सुपरवाइजर का जिम्मा एडिशनल एसपी या डीएसपी स्तर के अधिकारी के पास था। साथ में तीन से पांच जवान रहते थे। इस प्रकार छह सौ सुपरवाइजर लगाए गए थे। ये सारे सुपरवाइजर रूटीन ड्यूटी से अलग थे। प्रदेश भर में कुल पांच हजार पुलिस मोबाइल पार्टी का गठन किया गया था, जो चौबीस घंटे तैयार रहती थी। 

 

वाट्स अप ग्रुप से जोड़ा गया हर गांव :

पुलिस की मोबाइल पार्टी ने अपने-अपने क्षेत्र के गांवों के युवा सहित अन्य लोगों के लिए एक वाट्स अप ग्रुप बनाकर जोड़ा गया था ताकी किसी भी प्रकार की अफवाह या घटना की तुरंत जानकारी पुलिस तक पहुंच सकें। अफवाह फैलाने वालों को भी इस दौरान पाबंध किया गया ताकी वो दुबारा इस तरह की अफवाह नहीं फैला सकें। 

Bhaskar Whatsapp
Click to listen..