पहल / सरकारी स्कूल के पहली से 5वीं कक्षा तक के छात्रों के बस्तों का वजन तय

Weight of bags of first to 5th grade of government school fixed
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Weight of bags of first to 5th grade of government school fixed

  • 33 जिलों के 1-1 स्कूल से पायलट प्रोजेक्ट शुरू, पहली कक्षा की किताबें 900 ग्रा. से 400 ग्रा. कीं
  • नतीजे सही रहे तो सभी स्कूलों और सभी कक्षाओं में लागू कर दी जाएगी ये व्यवस्था

दैनिक भास्कर

Sep 05, 2019, 01:35 AM IST

जयपुर. बस्ते का बोझ कम करने के लिए प्रदेश ने पहल की है। सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों को बस्ते के बोझ से निजात दिलाने को शिक्षा राज्यमंत्री गोविंद सिंह डोटासरा ने गुरुवार को जयपुर में पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया।

 

जयपुर के नजदीक वाटिका में स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक स्कूल में डोटासरा ने इस प्रोजेक्ट का शुभारंभ करते हुए कहा कि राजस्थान देश का पहला ऐसा राज्य है, जहां बस्ते के बोझ को कम करने के लिए नवाचार अपनाते हुए यह ऐतिहासिक पहल की गई है। बोझ कम करने के लिए नई किताबें तैयार कराई गई हैं। उन्होंने कक्षा 1 से 5 तक के बच्चों को यह नई किताबें भी वितरित कीं।

 

कहा कि नए तरीके से तैयार पाठ्यपुस्तकों का दो तिहाई वजन कम किया गया है। अब बच्चों को वर्तमान पुस्तकों के एक तिहाई भार के रूप में अलग-अलग पुस्तकों के स्थान पर एक ही पुस्तक स्कूल लेकर जानी होगी। उन्होंने निजी विद्यालयों का भी आह्वान किया कि वे भी इस तरह की शुरुआत करें ताकि बच्चों को कम किताबें लेकर स्कूल जाना पड़े।

 

पहली कक्षा की किताबें 900 ग्रा. से 400 ग्रा. कीं

पहली कक्षा के विद्यार्थियों की पुरानी किताबों का वजन 900 ग्राम था, जो अब कम करके 400 ग्राम किया गया है। इसी प्रकार दूसरी की किताबों का वजन 950 ग्राम को कम करके महज 300 ग्राम कर दिया गया है। तीसरी में 1 किलो 350 ग्राम के स्थान पर केवल 500 ग्राम, चौथी में 1 किलो 450 ग्राम के स्थान पर 500 ग्राम और पांचवीं में पुरानी किताबों का वजन 1 किलो 250 ग्राम को घटाकर मात्र 500 ग्राम कर दिया गया है। अगर सभी कक्षाओं की किताबों का कुल वजन देखें तो यह पहले 5 किलो 900 ग्राम था जो अब घटकर 2 किलो 200 ग्राम तक रह गया है।

 

नतीजे सही रहने पर लागू कर दी जाएगी ये व्यवस्था

शिक्षा राज्यमंत्री गोविदं सिंह डोटासरा ने बताया कि प्रायोगिक रूप में राज्य सरकार ने प्रदेश के सभी 33 जिलों से एक-एक विद्यालय का चयन कर बस्ते के बोझ को कम करने की यह शुरुआत की है। सभी स्कूलों में तैयार नई किताबें भिजवा दी गई है। बोझ कम करने के इस निर्णय की सतत समीक्षा की जाएगी। इसके सफल परिणाम रहते हैं तो आने वाले समय में इसे कक्षा 1 से 12 तक की सभी कक्षाओं में इसको प्रदेशभर में लागू किया जाएगा।

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