राजस्थान / भरतपुर के शीतला मंदिर में वृद्ध महिला भीड़ में गिरी; लोग कुचलकर निकलते रहे, मौत



मंदिर पर काफी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। मंदिर पर काफी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं।
मिथलेश अग्रवाल। - फाइल फोटो। मिथलेश अग्रवाल। - फाइल फोटो।
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मंदिर पर काफी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं।मंदिर पर काफी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं।
मिथलेश अग्रवाल। - फाइल फोटो।मिथलेश अग्रवाल। - फाइल फोटो।

  • मंदिर में हजारों महिलाएं पूजा को आतीं, बावजूद न सीसीटीवी कैमरे और न पुलिस का कोई इंतजाम 
  • कुछ महिलाओं को चर्चा करते सुना कि कोई महिला गिर गई, तब दौड़कर पहुंचा बाहर इंतजार कर रहा बेटा

Dainik Bhaskar

Mar 26, 2019, 05:01 AM IST

भरतपुर. गंगा मंदिर के पास सेढ़ के मढ़ पर रविवार आधी रात से ही शीतला मां को ठंडे पकवानों का भोग लगाने के लिए महिलाओं की भीड़ जुटने लगी थी। कोडिया मोहल्ला में रहने वाली 62 वर्षीय मिथलेश भी सुबह करीब 7.30 बजे बेटे दीपक अग्रवाल के साथ पूजा करने आई थी। भीड़ ज्यादा होने की वजह से दीपक ने मां को पूजा करने भेज दिया और खुद गली के बाहर बाइक खड़ी कर उनके लौटने का इंतजार करने लगा। लेकिन, पता नहीं कैसे भीड़ में मिथलेश गिर पड़ी।

 

पूजा करने आई महिलाओं की संवेदनहीनता देखिए कि मिथलेश को उठाने के बजाय वे उन्हें कुचलकर आती-जाती रहीं। दीपक ने जब कुछ महिलाओं को आपस में चर्चा करते सुना कि वहां कोई वृद्ध महिला गिर गई है तो उसे मां की चिंता हुई। दौड़कर पहुंचा, देखा तो मां जमीन पर बेसुध पड़ी थी और लोग उसके ऊपर से ही निकल रहे थे। उसने कुछ लोगों की सहायता से मां को वहां से निकाला और तुरंत अस्पताल लेकर पहुंचा। लेकिन, तब तक मां दम तोड़ चुकी थी। 

 

दीपक को इस बात का अफसोस तो है ही कि संवेदनशीलता दिखाने के बजाय पूजापाठी लोग इतने संवेदनहीन कैसे हो गए कि पूजा-पाठ करके घर लौटने की जल्दबाजी में नीचे गिरी पड़ी एक वृद्धा को उठाना तक उचित नहीं समझा। गुस्सा पुलिस और प्रशासन की इस नाकाम पर ज्यादा है कि यह पता होते हुए भी कि इस मंदिर पर हर साल शहर की हजारों महिलाएं और लोग पूजा-पाठ करने आते हैं। 200-250 मीटर लंबी और 15 से 20 फुट चौड़ी इस गली में अनहोनी को रोकने के लिए न तो पर्याप्त संख्या में पुलिसकर्मी लगाए जाते हैं और न ही सीसीटीवी कैमरे या बैरिकेडिंग की जाती है। दीपक ने भास्कर को बताया कि प्रशासन की बदइंतजामी से ही उसकी मां की मौत हुई है। 


दीपक मूल रूप से फतेहपुर सीकरी के पास गांव दूरा का रहने वाला है। लेकिन, पिछले लंबे समय से कोडिया मोहल्ला में किराए का मकान लेकर अपनी मां के साथ अकेला रहता है। दीपक अभी अविवाहित है, जबकि एक छोटा भाई भी है जो जयपुर में रहकर पढ़ाई कर रहा है। दीपक के तीन बहनें हैं, जिनकी शादी हो चुकी है। जबकि पिता का 5 साल पहले ही देहांत हो चुका है।

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