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70 साल में पहली बार नलकूप की 1051 फाइलों को एक साथ स्वीकृति

जिले के किसानों के लिए बहुत बड़ी खुशखबरी है कि कृषि कनेक्शनों की 1051 फाइलों को एक साथ स्वीकृति मिली है। किसानों के...

Danik Bhaskar | Sep 12, 2018, 02:50 AM IST
जिले के किसानों के लिए बहुत बड़ी खुशखबरी है कि कृषि कनेक्शनों की 1051 फाइलों को एक साथ स्वीकृति मिली है। किसानों के अनुसार पिछले 70 साल में पहली बार ऐसा हुआ है कि एक साथ इतनी फाइलों की स्वीकृति जारी हुई है। इससे पहले यह सिस्टम पूरी तरह से गड़बड़ाया हुआ था। किसान को एक जगह से दूसरी जगह चक्कर काटने पड़ते थे और उसके बाद बड़ी मुश्किल से मिलीभगत से ही कृषि कनेक्शन की स्वीकृति मिल पाती थी।

पिछले दिनों किसान जागृति मंच की ओर से कृषि कनेक्शनों में चल रही सेटिंग को लेकर आंदोलन शुरू किया। आंदोलन होने के साथ ही इस मामले की परतें खुलती गई। बात राज्य सरकार तक पहुंची और आखिरकार स्वीकृति की सख्ती को नरम करते हुए दिशा निर्देश जारी किए गए और सीधे ही डिस्कॉम से नलकूप अनुमति समिति के साथ एक साथ फाइलें भेजने का निर्णय लिया गया। बाद में समिति की ओर से स्वीकृति जारी करने का नियम बनाया गया। इस पर काम हुआ और किसानों की जीत हुई।

पिछले दिनों कृषि कनेक्शन की सख्ती को लेकर किसानों ने किया था आंदोलन, कलेक्टर कसेरा की अध्यक्षता में हुई बैठक

किसान जागृति मंच ने किया था आंदोलन

किसान जागृति मंच के बैनर तले कुछ समय पूर्व किसानों ने कृषि कनेक्शन के कड़े नियमों को लेकर आंदोलन कर कृषि कनेक्शन दिलवाने तथा डिस्कॉम के स्तर से फाइलें सलाहकार समिति को भेजने की मांग की थी। नियमों में बदलाव के बाद किसान राजी नहीं हुए। नए दिशा-निर्देश जारी होने से अब अनुमति मिलना आसान हो गया है।

डार्क जोन शामिल था जैसलमेर : किसान जागृति मंच के आंदोलन के दौरान सामने आया कि जैसलमेर नोटिफाइड एरिया नहीं है। बावजूद इसे डार्क जोन की श्रेणी में शामिल था। किसानों ने आरोप लगाया कि पूर्व भू-जल वैज्ञानिक ने जानबूझकर ऐसा किया था। आंदोलन के बाद सामने आया कि जैसलमेर डार्क जोन नहीं है। कलेक्टर ओम कसेरा ने जल्द ही मीटिंग आयोजित कर एक साथ 1051 फाइलों को स्वीकृति जारी कर दी।