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जिले को बाल विवाह की कुरीति से मुक्त कराने का किया आह्वान

जिला एवं सेशन न्यायाधीश मदनलाल भाटी की अध्यक्षता में रविवार को जिला वैकल्पिक विवाद निस्तारण केंद्र जैसलमेर में...

Bhaskar News Network | Last Modified - Apr 02, 2018, 02:40 AM IST

जिले को बाल विवाह की कुरीति से मुक्त कराने का किया आह्वान
जिला एवं सेशन न्यायाधीश मदनलाल भाटी की अध्यक्षता में रविवार को जिला वैकल्पिक विवाद निस्तारण केंद्र जैसलमेर में बाल विवाह रोको अभियान का उद्घाटन समारोह आयोजित किया गया। समारोह को संबोधित करते हुए न्यायाधीश भाटी ने कहा कि हमारे समाज में बाल विवाह की कुरीति बड़े पैमाने पर प्रचलित है। राजस्थान में यह समस्या और भी गंभीर है जहां अक्षय तृतीया, पीपल पूर्णिमा एवं अन्य अवसरों पर भारी संख्या में बाल विवाह संपन्न होते है जिनके दुष्परिणाम बच्चों के साथ-साथ पूरे समाज को भोगने पड़ते है। उन्होंने कहा कि राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार इस कुरीति को रोकने के लिए अब से लगातार तीन माह तक बाल विवाह रोको अभियान चलाया जाएगा। उन्होंने उपस्थित पदाधिकारियों से कहा कि हम सभी का यह नैतिक दायित्व है कि जहां कहीं भी बाल विवाह हो उसे तुरंत रुकवाएं एवं इस सामाजिक बुराई तथा बाल विवाह के दुष्परिणामों के प्रति आम जनता को जागरूक करें। उन्होंने जिले को बाल विवाह से मुक्त कराने का आह्वान किया व सभी से यह अपील करते हुए कहा कि जहां कहीं भी बाल विवाह होने की सूचना मिले उसकी सूचना तुरंत पुलिस अथवा बाल विवाह प्रतिषेध अधिकारी अथवा चाइल्ड लाइन अथवा सक्षम अधिकारी को प्रदान करें।

इस अवसर पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जयनारायण मीना ने कहा कि जहां कहीं भी बाल विवाह हो उसकी सूचना पुलिस को 100 नंबर पर अथवा चाइल्ड लाइन की हेल्प लाइन नं. 1098 पर सूचना दी जा सकती है। इसके अतिरिक्त संबंधित क्षेत्र के बीट कांस्टेबल को भी सूचना दी जा सकती है। सूचना देने वाले का नाम गुप्त रखा जाता है तथा सूचना प्राप्त होने के बाद तुरंत कार्रवाई की जाएगी। कार्यक्रम का संचालन करते हुए पूर्णकालिक सचिव डाॅ. महेन्द्र कुमार गोयल ने बताया कि बाल विवाह के आयोजन में सहयोग देने वाले टेंट वाले, बैंड वाले, हलवाई एवं पंडित तथा बाल विवाह में शामिल होने वाले सभी बाराती व घराती दंडनीय है। उन्होंने बाल विवाह के दुष्परिणामों की जानकारी देते हुए बताया कि बाल विवाह के दुष्परिणामों से आम जनता को जागरूक करने के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा गांव गांव, ढाणी ढाणी में न्यायिक अधिकारीगण व पैनल अधिवक्ता तथा पैरा लीगल वालेंटियर्स के माध्यम से विधिक जागरूकता शिविरों का आयोजन किया जाएगा तथा यह अभियान आगामी तीन माह तक चलाया जाकर यह हर संभव प्रयास किया जाएगा कि जिले में एक भी बाल विवाह नहीं हो।

जिला एवं सेशन न्यायाधीश की अध्यक्षता में जिला वैकल्पिक विवाद निस्तारण केंद्र जैसलमेर में बाल विवाह रोको अभियान का उद्घाटन

जैसलमेर. बाल विवाह रोको अभियान के उद्घाटन समारोह में उपस्थित न्यायिक अधिकारी

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