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ये कैसी परीक्षा;43 डिग्री तापमान में 30 किमी दूर परीक्षा देने जाएंगे 5वीं बोर्ड के सैकड़ों विद्यार्थी

आगामी 5 अप्रैल से 5वीं बोर्ड की परीक्षाएं शुरू हो रही है। दूसरी बार 5वीं की बोर्ड परीक्षा है। एक तो बच्चों पर बोर्ड...

Bhaskar News Network | Last Modified - Apr 02, 2018, 02:45 AM IST

आगामी 5 अप्रैल से 5वीं बोर्ड की परीक्षाएं शुरू हो रही है। दूसरी बार 5वीं की बोर्ड परीक्षा है। एक तो बच्चों पर बोर्ड परीक्षा का दबाव और दूसरा परीक्षा केन्द्रों की दूरी मुसीबत बन चुकी है। परीक्षा केन्द्रों की दूरी के मामले में जिम्मेदारों का कहना है कि परीक्षा केन्द्रों की सूची पीईईओ व बीईईओ के माध्यम से पहुंची है और यदि अब भी कोई बदलाव की मांग करता है तो कर सकते हैं। ऐसे में सवाल यह है कि शिक्षक वर्ग नौनिहालों को लेकर कितना गंभीर है। दुखद पहलू तो यह है कि 40 डिग्री से अधिक तापमान में इन बच्चों को परीक्षा देने के लिए 5 से 30 किलोमीटर दूर तक परीक्षा केंद्र पर जाना होगा। कई अभिभावकों ने भास्कर को दूरभाष पर बताया कि उनके बच्चे इतनी दूर परीक्षा देने नहीं जा सकते हैं, कोई सुनवाई नहीं हो रही है। संबंधित स्कूलों के शिक्षकों की उदासीनता का ही उदाहरण है कि जब परीक्षा केन्द्र तय किए जा रहे थे, उस समय वे आगे क्यों नहीं आए, अपने स्टूडेंट की फिक्र शायद उनको नहीं थी। 5 अप्रैल से 5वीं बोर्ड की परीक्षाएं शुरू हो रही है। जिले में 553 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जहां 15 हजार 216 परीक्षार्थी परीक्षा देंगे। परीक्षा के लिए 15 संग्रहण मूल्यांकन केंद्र बनाए गए हैं।

जिले में परीक्षार्थी 15 हजार और केंद्र सिर्फ 553, भीषण गर्मी में वैकल्पिक व्यवस्था तक नहीं

परीक्षार्थी : 15216

सवाल : केन्द्र निर्धारण के समय सो रहे थे संबंधित स्कूल के शिक्षक

परीक्षा संचालन करवाने वालों का कहना है कि हमारे पास जहां से भी परीक्षा केन्द्र की डिमांड आई वहां हमने केन्द्र निर्धारित कर दिया। ऐसे में सवाल यह उठता है कि संबंधित विद्यालयों के शिक्षक जहां के बच्चों को दूरी तय करनी पड़ेगी वे परीक्षा केन्द्र निर्धारण के समय क्या सो रहे थे?

बच्चों के साथ 5वीं बोर्ड की परीक्षा खिलवाड़ है। 5 से 30 किमी दूर परीक्षा केन्द्र का कोई औचित्य ही नहीं है। नन्हें बच्चे इतनी दूर बिना आवागमन के साधनों के कैसे पहुंचेंगे। हमने राजस्थान शिक्षक पंचायती राज शिक्षक संघ की बैठक कर निर्णय लिया है कि यदि जरूरत पड़ी तो इस मामले को न्यायालय में ले जाएंगे। प्रकाश विश्नोई, प्रदेश मंत्री, पंचायती राज शिक्षक संघ

गत बार भी हमने आखिरी समय तक परीक्षा केन्द्रों काे बदलाव किया था। इस बार भी ऐसा ही होगा, हमारे पास कोई डिमांड आएगी तो हम परीक्षा केन्द्र बदल देंगे। वैसे वर्तमान में परीक्षा केन्द्र पीईईओ व बीईईओ के माध्यम से आई सूचियों के अनुसार तय किए गए हैं। लक्ष्मी देवी, प्राचार्य, डाइट

भास्कर संवाददाता | जैसलमेर

आगामी 5 अप्रैल से 5वीं बोर्ड की परीक्षाएं शुरू हो रही है। दूसरी बार 5वीं की बोर्ड परीक्षा है। एक तो बच्चों पर बोर्ड परीक्षा का दबाव और दूसरा परीक्षा केन्द्रों की दूरी मुसीबत बन चुकी है। परीक्षा केन्द्रों की दूरी के मामले में जिम्मेदारों का कहना है कि परीक्षा केन्द्रों की सूची पीईईओ व बीईईओ के माध्यम से पहुंची है और यदि अब भी कोई बदलाव की मांग करता है तो कर सकते हैं। ऐसे में सवाल यह है कि शिक्षक वर्ग नौनिहालों को लेकर कितना गंभीर है। दुखद पहलू तो यह है कि 40 डिग्री से अधिक तापमान में इन बच्चों को परीक्षा देने के लिए 5 से 30 किलोमीटर दूर तक परीक्षा केंद्र पर जाना होगा। कई अभिभावकों ने भास्कर को दूरभाष पर बताया कि उनके बच्चे इतनी दूर परीक्षा देने नहीं जा सकते हैं, कोई सुनवाई नहीं हो रही है। संबंधित स्कूलों के शिक्षकों की उदासीनता का ही उदाहरण है कि जब परीक्षा केन्द्र तय किए जा रहे थे, उस समय वे आगे क्यों नहीं आए, अपने स्टूडेंट की फिक्र शायद उनको नहीं थी। 5 अप्रैल से 5वीं बोर्ड की परीक्षाएं शुरू हो रही है। जिले में 553 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जहां 15 हजार 216 परीक्षार्थी परीक्षा देंगे। परीक्षा के लिए 15 संग्रहण मूल्यांकन केंद्र बनाए गए हैं।

परीक्षा केन्द्र : 553

भीषण गर्मी में मासूमों की झेलनी पड़ेगी परेशानी, इंतजाम अधूरे

परीक्षा का समय 10 से 12:30 बजे का है। ऐसे में जैसलमेर के ग्रामीण क्षेत्रों में सुबह 10 बजे इन दिनों पारा 35 डिग्री के पास पहुंच जाता है और 12: 30 बजे तक 40 डिग्री। इतनी भीषण गर्मी में नन्हें बच्चे कई किमी दूर तक परीक्षा देने और परीक्षा देकर वापस कैसे पहुंचेंगे।

जिम्मेदारों की उदासीनता के ये हैं उदाहरण

राजकीय प्रवेशिका संस्कृत विद्यालय 95 आरडी सुल्ताना में पढ़ने वाले बच्चों का परीक्षा केन्द्र 30 किमी दूर राउमावि सुल्ताना है। जबकि प्रवेशिका स्वयं 10वीं स्तर का विद्यालय है।

राप्रावि करमाली की ढाणी का परीक्षा केन्द्र 11 किमी दूर राजमथाई रखा गया है।

राप्रावि फोजाणियों की ढाणी का परीक्षा केन्द्र 6 किमी दूर राउप्रावि कलरों की ढाणी जालोड़ा रखा गया है।

पीईईओ क्षेत्र टावरीवाला के अधिकांश विद्यालयों के परीक्षा केन्द्र 15 से 20 किमी दूर है।

राउप्रावि 46-50 सीडब्ल्यूबी, राप्रावि 8 जीडब्ल्यूडी, राप्रावि 13-14 सीडब्ल्यू डी के केन्द्र 20 किमी दूर है।

संग्रहण मूल्यांकन केन्द्र : 15

कही सड़के ही नही तो कही पर आवागमन के साधन उपल्बध नही

कई इलाके तो ऐसे हैं जहां न तो आवागमन का साधन है और न ही सुचारू सड़क मार्ग है। ऐसे में नौनिहाल परीक्षा देने कैसे पहुंच पाएंगे। 5वीं में पढ़ने वाले बच्चों की उम्र मुश्किल से 10 से 12 साल होगी। इतने छोटे बच्चों को अभिभावक 5 से 30 किमी दूर परीक्षा देने कैसे भेजेंगे। 5 किमी तक तो बच्चों को पैदल ही ले जाना पड़ेगा और उससे अधिक दूरी पर किसी साधन की जरूरत रहेगी।

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