• Home
  • Rajasthan News
  • Jaisalmer News
  • होलिका दहन आज , धुलंडी कल, रंगों व गुलाल से सराबोर होगा जैसलमेर
--Advertisement--

होलिका दहन आज , धुलंडी कल, रंगों व गुलाल से सराबोर होगा जैसलमेर

संस्कृति व परंपरा की नगरी जैसलमेर में होली का पर्व धूमधाम से मनाया जाएगा। इस पर्व को लेकर यहां पर अनूठी परंपराएं...

Danik Bhaskar | Mar 01, 2018, 03:40 AM IST
संस्कृति व परंपरा की नगरी जैसलमेर में होली का पर्व धूमधाम से मनाया जाएगा। इस पर्व को लेकर यहां पर अनूठी परंपराएं है। जिसके चलते यह पर्व होलिकाष्टक लगने के साथ ही शुरू हो गया है। दो दिवसीय होली का त्योहार गुरूवार से शुरू होगा। गुरूवार को जहां दिन भर बहने माला घोलाई की परंपरा का निर्वाह करेगी वहीं शाम होने के साथ ही अलग अलग स्थानों व गली मोहल्लों में शुभ मुहूर्त के अनुसार होलिका दहन किया जाएगा। इसके बाद शुक्रवार को घुलंडी के दिन अबीर व गुलाल से शहर का वातावरण सराबोर होगा और जमकर होली खेली जाएगी।

माला घोलाई का मुहूर्त देर शाम को : पंडित प्रेम श्रीमाली के अनुसार माला घोलाई का शुभ मुहूर्त सुबह 7 से 8.30 उसके बाद सुबह 9 बजे से शाम 7.40 तक भद्रा है। वहीं होलिका दहन का मुहूर्त प्रदोष काल शाम 7.45 के बाद का है। दिन भर माला घोलाई का शुभ मुहूर्त नहीं होने से महिलाएं अपने भाईयों का देर शाम घोलाई करेंगे।

धुलंडी पर दुर्ग के व्यास पाड़ा में बादशाह का दरबार, चैनपुरा में स्वांग, दीया का व्यसन मुक्त पर्यावरण संरक्षण होली अभियान

धुलंडी को सजेगा बादशाह का दरबार

स्वर्णनगरी की अनूठी परंपराओं में बादशाह व जिंदा जिंदी की भी परंपरा है। घुलंडी के दिन दुर्ग के व्यासा पाड़ा में जहां बादशाह का दरबार सजेगा। होली पर बादशाह का दरबार सजाने की एक दिलचस्प परंपरा है। सोनार दुर्ग के व्यासा पाड़ा में व्यास जाति के पुष्करणा ब्राह्मण ही होली पर बादशाह बनते हैं।

जिंदा-जिंदी की निकलेगी बारात

एक तरफ दुर्ग में बादशाह का दरबार सजता है वहीं दूसरी तरफ नगर के चैनपुरा मोहल्ला में जिंदा जिंदी का स्वांग रचाया जाता है। घुलंडी के दिन दो युवकों को जिंदा-जिंदी बनाया जाता है। जिन्हें शिव व पार्वती का रूप माना जाता है। जिंदा-जिंदी के साथ ही चैनपुरे की गैर निकलती है ।हर परिवार द्वारा उनका पूजन किया जाता है ।

होली का उत्साह, सजा रंगों व गुलाल का बाजार :

होली का उत्साह जैसलमेर में देखते ही बनता है। शहर में यह त्योहार भाईचारे व सौहार्द के साथ मनाया जाता है। इस पर्व को लेकर जिले के बाजार सज गए हैं। कहीं रंगों व गुलाल की अस्थाई दुकानें लगी हैं तो कई पिचकारियां सज गई है। बच्चों में इन दुकानों के प्रति जबरदस्त क्रेज देखने को मिला। शनिवार को इन दुकानों में भारी भीड़ नजर आई। दूसरी तरफ मिठाई की दुकानों में भी होली की तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी थी। होली के दिन माला घोलाई की परंपरा के चलते मिठाई वाले विशेष तैयारियां करते हैं।

सुबह 10 बजे होलिका दहन के लिए मिलेंगे कंडे

जैसलमेर | अखिल विश्व गायत्री परिवार के युवा संगठन दिव्य भारत युवा संघ दीया द्वारा होली पर्व को व्यसन, अश्लीलता व सामाजिक भेदभाव मुक्त रखने व पर्यावरण संरक्षण के लिए जन जागरण अभियान चलाया जा रहा है। दीया के प्रवक्ता व अभियान प्रभारी चंद्रशेखर आचार्य ने बताया कि होली भारतीय संस्कृति का उल्लास, मस्ती व भाइचारे का अनूठा त्योहार है पर नशे, अश्लीलता जैसी कुछ अस्वस्थ्य परपराओं के कारण इसके प्रति जन साधारण का आकर्षण कम हो रहा है। उन्होंने बताया कि इस अभियान के अंतर्गत मंगलवार को दीया के सदस्यों नरेन्द्रसिंह, नरपतलाल, रितेश श्रीमाली, लोकेश चौधरी, मोहितसिंह, रणवीरदान, विशनाराम, बाबुदान कोडा आदि ने मुख्य बाज़ार में जन चेतना अभियान चलाया जिसमें सभी को गुलाल भेंट कर होली की शुभकामनाएं देते हुए सामाजिक भेदभाव दूर कर होली मनाने का निवेदन किया तथा पेम्पलेट भी वितरित किए। दीया द्वारा इस होली पर अनूठी पहल शुरु की गई है जिसमें होलिका दहन में लकड़ी के उपयोग को कम कर गोबर के कंडों के उपयोग करने का जन जागरण भी किया जा रहा है। पर्यावरण को शुद्ध करने व मौसमी बीमारियों से रक्षा के लिए तुलसी गोशाला के सहयोग से औषधियों से निर्मित हवन सामग्री युक्त गोबर के कंडों का निर्माण किया गया है जो कि गुरुवार 1 मार्च को सुबह 10 बजे गांधी दर्शन हनुमान चौराहे पर विशेष पैकेट में उपलब्ध करवाए जाएंगे। दीया के प्रभारी जे पी व्यास व तुलसी गौशाला प्रभारी मानव व्यास ने सभी नागरिकों से इस अभियान से जुड़ने का आह्वान किया है।