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नहीं सताएगा ट्रेन छूटने का डर, एप से मिलेगा जनरल टिकट

रेल यात्रियों को अब ट्रेन के छूटने का डर नहीं सताएगा। उन्हें यात्रा के समय अगली कनेक्टिंग ट्रेन अथवा स्टेशन परिसर...

Danik Bhaskar | Sep 11, 2018, 04:25 AM IST
रेल यात्रियों को अब ट्रेन के छूटने का डर नहीं सताएगा। उन्हें यात्रा के समय अगली कनेक्टिंग ट्रेन अथवा स्टेशन परिसर से पांच किमी के दायरे में मोबाइल एप की मदद से जनरल रेल टिकट मिल सकेगी। रेलवे ने डिजिटलीकरण की तरफ एक और कदम उठाते हुए इस एप को दस सितंबर को लांच करने की तैयारी कर ली है। मोबाइल एप को रेल सूचना प्रणाली केंद्र (सीआरआईएस) ने विकसित किया है। एप शुरू होने के बाद यात्रियों को जनरल टिकट लेने के लिए लंबी कतार में नहीं खड़ा होना पड़ेगा। रेलवे को पेपर की बचत होगी। रेलवे के मुताबिक यात्री आर-वॉलेट के जरिए टिकट बुक कर सकता है। इस अकाउंट को बनाने के लिए यात्री को कोई शुल्क नहीं देना होगा। पंजीकरण के साथ शून्य बैलेंस का अकाउंट स्वतः: खुल जाएगा। यात्री जब चाहे आर-वॉलेट का समर्पण कर सकता है। इसके लिए मोबाइल एप से निवेदन करना होगा, जिस पर उसे एसएमएस से कोड प्राप्त होगा। यूटीएस काउंटर पर कोड तथा मोबाइल नंबर बताने पर आर वॉलेट में उपलब्ध राशि में से लिपिकीय प्रभार काटकर शेष राशि उसे वापस कर दी जाएगी।

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मोबाइल एप की ये हैं खासियतें

एप अनारक्षित टिकटों की बुकिंग और रद्द करने, सर्वाधिक और प्लेटफार्म टिकटों के नवीनीकरण, आर वॉलेट की बकाया राशि की जांच और लोड करने में सक्षम है। एप को गूगल प्ले स्टोर और विंडोज स्टोर से नि:शुल्क डाउनलोड कर सकते है। सबसे पहले यात्री मोबाइल नंबर, नाम, शहर, रेल की डिफॉल्ट बुकिंग, श्रेणी टिकट का प्रकार, यात्रियों की संख्या और बार-बार यात्रा करने के मार्गों का विवरण देकर पंजीकरण करा सकते है। इसके लिए यात्री को ओटीपी जनरेट करना होगा। एसएमएस से प्राप्त ओटीपी को एप में डालने से पंजीकरण हो जाएगा। यात्री को टिकट बुक करने के लिए भुगतान के माध्यम के लिए आर वॉलेट काम में लेने पर प्रत्येक रिचार्ज पर पांच प्रतिशत का बोनस प्राप्त होता है।

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एक बार जारी होने पर पेपरलेस यात्रा टिकट, प्लेटफार्म टिकट तथा सावधिक टिकट रद्द नहीं किए जा सकते है। दो परिस्थितियों में यह संभव है। टिकट रद्द नहीं हुआ है। टिकट का प्रिंटआउट नहीं हुआ है। यात्री ने टिकट का प्रिंट ले लिया है तो उसे प्रारंभिक स्टेशन पर एटीवीएम/यूटीएस काउंटर पर टिकट प्रस्तुत करना होगा, जिस पर नियमानुसार रद्दकरण प्रभाव काटकर शेष राशि उसके भुगतान साधन में क्रेडिट कर दी जाएगी। यदि टिकट का प्रिंट नहीं लिया है तो एप पर ही टिकट रद्द करने पर लिपिकीय प्रभार की कटौती के बाद उसके भुगतान साधन में रिफंड राशि डाल दी जाएगी।