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नहीं बन रहे हैं आधार कार्ड, त्रुटियों के संशोधन के लिए भी ग्रामीण हैं परेशान
आज कई कार्यों में आधार कार्ड जरूरी हो गया है, लेकिन लाठी कस्बे सहित कई ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों के पास आधार कार्ड नहीं है। इसके साथ ही जिनके पास है तो उनमें से अधिकांश के आधार कार्ड में कई त्रुटियां है। इस कारण उन्हें कई योजनाओं से वंचित रहना पड़ता है। आधार कार्ड बनाने या सही कराने के लिए ग्रामीणों को जिला या तहसील मुख्यालय की दौड़ लगानी पड़ रही है। कारण अब जन आधार कार्ड कॉमन सर्विस सेंटर की बजाए कुछ चिंह्नित बैंकों में बन रहे हैं।
लोगों के लिए जिला या तहसील मुख्यालय के बैंकों में आधार कार्ड बनवाने और उसमें संशोधन कराने के लिए समय और पैसा दोनों खर्च करना पड़ रहा है। दूरस्थ क्षेत्रों से आए लाेगाें को बैंकों में आधार कार्ड बनाने या सुधारने के लिए काफी इंतजार करना पड़ रहा है। कई बार बिना कार्ड बनवाए बेरंग ही लौटना पड़ रहा है। प्रदेश सरकार की तमाम योजनाओं जैसे रसोई गैस, बैंक खाता, राशन कार्ड ,पेंशन, मनरेगा समेत आधार कार्ड को अनिवार्य किया गया है। अभी भी जिले में लगभग 20 प्रतिशत लोग ऐसे में हैं, जिनके आधार नहीं बन सके हैं तथा कई लोगों को आधार कार्ड में त्रुटियां हैं। पहले आधार कार्ड बनवाने का जिम्मा कॉमन सर्विस सेंटर के पास था, लेकिन अब सरकार ने यह जिम्मेदारी बैंक को दे दी है।
ग्रामीणों ने की जन आधार केंद्र खोलने की मांग
जन आधार कार्ड को लेकर क्षेत्र के ग्रामीणों व पेंशनर्स ने लाठी कस्बे में आधार केंद्र खोलने की मांग कर चुके हैं, लेकिन ग्रामीणों की समस्या का समाधान करने की किसी ने जहमत नहीं समझी। कस्बे में जन आधार कार्ड में नाम गलत होने से कई वृद्धावस्था पेंशन से वंचित है। बुजुर्गों को तहसील या जिला मुख्यालय आने जाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
इन ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों की बढ़ी समस्या
आधार कार्ड बनाने के लिए लाठी कस्बे सहित धोलिया, भादरिया, लोहटा, रतन कि बस्सी, सोढाकोर, डेलासर, केरालिया सहित अन्य ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को पोकरण दौड लगानी पड़ रही है।
योजनाओं जैसे रसोई गैस, बैंक खाता, राशन कार्ड ,पेंशन, मनरेगा समेत आधार कार्ड को अनिवार्य किया गया है। अभी भी जिले में लगभग 20 प्रतिशत लोग ऐसे में हैं, जिनके आधार नहीं बन सके हैं तथा कई लोगों को आधार कार्ड में त्रुटियां हैं। पहले आधार कार्ड बनवाने का जिम्मा कॉमन सर्विस सेंटर के पास था, लेकिन अब सरकार ने यह जिम्मेदारी बैंक को दे दी है।
धन व समय की बर्बादी
क्षेत्र के ग्रामीणों ने बताया कि सुबह आधार कार्ड के लिए तहसील या जिला मुख्यालय जाते हैं। घर का कामकाज छोड़कर आने जाने सहित समय व धन बर्बादी हो रही है। क्षेत्र के लोगों ने परेशानियों को देखते हुए शीघ्र लाठी कस्बे में आधार कार्ड बनाने की मांग है।